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विद्यालयों में शिक्षक देंगे प्राथमिक उपचार: एम्स ट्रामा सेंटर ने किया तैयार; स्कूल में बच्चों को सिखाएंगे गुर

Wed, 18 Oct 2023 01:20 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 18 Oct 2023 01:20 AM IST
सार

वर्ल्ड ट्रामा डे के अवसर पर मंगलवार को ट्रामा सेंटर में दक्षिणी दिल्ली के स्कूलों से 40 शिक्षक आए। इन शिक्षकों को ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने दिल की गति रुकने पर सीपीआर देना, सड़क दुर्घटना होने पर मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना, दुर्घटना में गर्दन, रीढ़ की हड्डी को बचाना, खून के रिसाव को रोकना सहित अन्य आपात स्थिति में बचाने की जानकारी दी गई।

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Teachers of government schools will also be able to provide first aid in case of emergency
टीचरों को इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट की जानकारी देते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी स्कूलों के शिक्षक आपातस्थिति में प्राथमिक उपचार भी दे सकेंगे। इन शिक्षकों को एम्स ट्रामा सेंटर ने प्रशिक्षण देकर तैयार किया है। इन शिक्षकों को सीपीआर देना, सड़क दुर्घटना में मरीज की सुरक्षित अस्पताल लाने सहित अन्य की जानकारी दी गई है। शिक्षक अब अपने स्कूलों में बच्चों को इसकी ट्रेनिंग देंगे।

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दरअसल, वर्ल्ड ट्रामा डे के अवसर पर मंगलवार को ट्रामा सेंटर में दक्षिणी दिल्ली के स्कूलों से 40 शिक्षक आए। इन शिक्षकों को ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने दिल की गति रुकने पर सीपीआर देना, सड़क दुर्घटना होने पर मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना, दुर्घटना में गर्दन, रीढ़ की हड्डी को बचाना, खून के रिसाव को रोकना सहित अन्य आपात स्थिति में बचाने की जानकारी दी गई। ये शिक्षक अब स्कूलों में जाकर बड़े बच्चे व शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। इस बारे में एम्स ट्रामा सेंटर के प्रोफेसर डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली के स्कूलों से आए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है। यह आगे चलकर दूसरे को प्रशिक्षित करेंगे।
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वहीं, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम में बताया कि वह दिल्ली के दूसरे जिले से भी शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए भेजेंगे। साथ ही स्कूल में भी उपकरण उपलब्ध करवाएंगे जिससे स्कूल में ही ट्रेनिंग दी जा सकें। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि वह स्कूलों में जाकर भी शिक्षकों को इस बारे में ट्रेनिंग दें जिससे वह आपात स्थिति के लिए तैयार रहे।

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पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन
बच्चों को दुर्घटना के बारे में जागरूक करने के लिए ट्रामा सेंटर में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने सड़क दुर्घटना से बचाव सहित अन्य विषय पर पोस्टर बनाए। साथ ही बचाव के तरीके भी सुझाए। कार्यक्रम के दौरान एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास, एम्स ट्रामा सेंटर के अध्यक्ष डॉ. कामरान फारूकी सहित अन्य डॉक्टरों ने बच्चों को बताया कि यदि वह घर पर अपने परिजनों को जागरूक करते हैं तो सड़क के अधिकतर हादसे कम हो सकते हैं। सड़क पर होने वाले अधिकतर हादसे लापरवाही के कारण होते हैं। बच्चों की अपील उनके माता-पिता को सुरक्षित बना सकता है। बता दें कि एम्स ने जोधपुर में एक अध्ययन किया था जिसमें बच्चों को जागरूक करने से सड़क दुर्घटना में 25 फीसदी की कमी दर्ज हुई थी। इसमें स्कूल के बच्चों को सड़क नियम के बारे में जागरूक करने से माता-पिता ने नियमों का पालन करना शुरू कर दिया था।

आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक
एम्स ट्रामा सेंटर में डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इसमें लोगों को बताया कि कि किस तरह के मामलों के कारण लोग ज्यादा घायल होते हैं। ऐसे मामलों से कैसे बचा जा सकता है। खासकर सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों को लेकर बताया गया कि यदि सड़क नियमों का पालन किया जाए तो काफी हद तक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

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