देखिए, जब बच्चों के सामने एग्जाम में टीचर हुए फेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दादरी ब्लॉक के गांव सलारपुर कलां के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल में डीएम एनपी सिंह ने कक्षा-4, 5 और कक्षा 8 में पढ़ा रहे अध्यापकों के ज्ञान का स्तर नापा।
उन्होंने कक्षा पांच में पढ़ा रहे अध्यापक के साथ ही बच्चों से बोर्ड पर .1 का .01 से गुणा करने को कहा तो कोई भी यह सवाल हल नहीं कर पाया।
क्लास में जिलाधिकारी ने पीछे बैठकर अध्यापक नरेंद्र शर्मा को उस सवाल को हल करने को कहा लेकिन वो भी फेल हो गए। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को अध्यापक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि करने के आदेश दिए हैं।
डीएम के सवाल का कोई नहीं दे सका जवाब
इससे पहले जिलाधिकारी ने कक्षा चार में बच्चों से पढ़ाई के संबंध में पूछताछ की और वहां पढ़ा रहीं टीचर से कहा कि जो भी बच्चे उनकी कक्षा में पढ़ते हैं, उन्हें अपने बच्चे समझकर पढ़ाएं।
इसके बाद डीएम कक्षा आठ में पहुंचे और वहां पर भी .1 और .01 का गुणा करने को कहा, लेकिन कोई भी बच्चा इसे हल नहीं कर पाया। हालांकि, यहां पढ़ा रहे अध्यापक ने इसे सॉल्व कर दिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने खुद भी बच्चों को पढ़ाया और अन्य सवाल भी बोर्ड पर हल करते हुए गणित के फॉमूर्लों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अध्यापकों को हिदायत दी कि वे पढ़ाने के तरीके में गुणात्मक सुधार लाएं।
फिर ऐसी स्थिति मिली तो नपेंगे शिक्षक
डीएम ने कहा कि अगर फिर कभी जनपद में ऐसी स्थिति मिलती है तो दोषी अध्यापकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन अध्यापकों को वेतन के रूप में करीब 40 हजार रुपये दिए जाते हैं जबकि कॉन्वेंट स्कूलों में मात्र 10 हजार रुपये ही दिए जाते हैं।
इसके बावजूद वे बच्चों को अच्छे तरीके से पढ़ाते हैं। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया कि जनपद के अध्यापकों की काउंसलिंग कराई जाए ताकि सबको चेताया जा सके।