फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Tax arrears of crores on residential properties

रिहायशी संपत्तियों पर करोड़ों का कर बकाया, डाटा के लिए हो रहा सर्वे

Fri, 11 Oct 2019 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 11 Oct 2019 07:05 AM IST
विज्ञापन
Tax arrears of crores on residential properties
delhi mcd - फोटो : अमर उजाला

आर्थिक तंगी से जूझ रहे उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर के बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसा है। इसके तहत वाणिज्यिक संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन रिहायशी संपत्तियों पर करोड़ों का कर बकाया होने के बाद भी विधानसभा चुनाव से पहले एमसीडी कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है। 

विज्ञापन


वर्षों से बकाया नहीं चुकाने वाली 416 वाणिज्यिक संपत्तियों को पिछले छह महीने के दौरान अटैच किया गया। इन पर करीब 20 करोड़ रुपये बकाया था। लेकिन अब भी करीब सात लाख रिहायशी संपत्तियां पर कर नहीं चुकाया जा रहा है। उत्तरी निगम की अतिरिक्त उपायुक्त नैना कपिल का कहना है कि जिन्होंने वर्षों से संपत्ति कर नहीं चुकाए हैं, उन पर कार्रवाई की गई है। 
विज्ञापन


लेकिन बकाया चुकाने पर दोबारा वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति दे दी जाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यदि अटैच प्रॉपर्टी पर किसी तरह की गतिविधि चल रही है तो संबंधित इकाई के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 416 वाणिज्यिक इकाइयों को नोटिस के बाद बकाया चुकाने को कहा गया था। इस दौरान जिन 82 संपत्ति मालिकों ने बकाया चुका दिया, उन्हें राहत दी गई है। जिन्होंने अब भी बकाया नहीं चुकाया है उन पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिहायशी क्षेत्रों के बकायेदारों को भी किया जाएगा जागरूक
नैना कपिल ने बताया कि वाणिज्यिक संपत्तियों के बाद रिहायशी क्षेत्रों के बकायेदारों को बकाया संपत्ति कर अदा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई उनकी प्राथमिकता है।

फिलहाल उत्तरी निगम क्षेत्र के तहत करीब 11 लाख से अधिक संपत्तियां हैं। इनमें से महज 4.5 लाख संपत्तियों के मद में ही संपत्ति कर की अदायगी की जा रही हैं।

मार्च के अंत तक एमसीडी को संपत्ति कर के मद में 660 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक यदि सभी बकायेदार संपत्ति कर चुकाएं तो 1100-1200 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो सकती है। निगम की ओर से संपत्ति धारकों को सलाह दी गई है कि नियत समय पर संपत्ति कर का भुगतान करें ताकि उन्हें ब्याज का भुगतान न करना पड़े।


संपत्तियों का विस्तृत डाटा एकत्रित करने के लिए उत्तरी नगर निगम की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए जियोस्पेशियल दिल्ली लिमिटेड (जीएसडीएल) व अन्य एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है। इसमें संपत्ति की श्रेणी सहित तमाम ब्योरा शामिल रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed