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तावड़ू में भड़के तनाव के पीछे ये है राज

Fri, 13 Jun 2014 06:07 AM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 13 Jun 2014 06:07 AM IST
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Tavdu dispute, curfew

डंपर एक्सीडेंट के बाद उपजे विवाद के बहाने तावड़ू कस्बे को मेवात से अलग करने की पुरानी मांग को हवा दी जा रही है। विवाद के बाद से यह मांग करने वाली संघर्ष समिति लगातार सक्रिय है। बृहस्पतिवार को पथरेड़ी में आयोजित पंचायत में भी इसके कार्यकर्ता सक्रिय दिखे और केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समक्ष यह पुरानी मांग को दुहराई गई।

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मेवात से तावड़ू को अलग कर गुड़गांव से जोड़ने के लिए संघर्ष समिति काफी समय से सक्रिय है। समिति से कस्बे के 84 गांव जुड़े बताए जाते हैं और इसके बैनर तले लोकसभा चुनाव से पहले धरना-प्रदर्शन का लंबा सिलसिला भी चला। उसके बाद इसकी गतिविधियां लगभग शांत हो गई थीं, पर डंपर हादसे को लेकर उपजे विवाद के बीच संघर्ष समिति के लोग एकाएक सक्रिय हो गए हैं।
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इसको लेकर होने वाली अब तक की पंचायतों में इसके सदस्यों की अहम भूमिका रही है। तावड़ू के लोग मेवात से खुद को अलग-थलग समझते हैं। यहां से मेवात के जिला मुख्यालय नूंह पहुंचने से ज्यादा गुड़गांव पहुंचना आसान है। यहां के लोगों की एक और विडंबना है कि यह कस्बा है तो मेवात जिले में पर इनके विकास का भाग्य गुड़गांव के सोहना से विधायक के हाथ में है।
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नए परिसीमन के बाद तावड़ू विधानसभा क्षेत्र को खत्म कर सोहना से जोड़ दिया गया है। ऐसे में यहां के लोग गुड़गांव के साथ रहना ज्यादा पसंद करते हैं। संघर्ष समिति के पदाधिकारी टेकचंद सैनी कहते हैं कि तावड़ू अरावली की पहाड़ी पर स्थित है, पर किसी काम से पहाड़ी के नीचे बसे नूंह पहुंचना कहीं अधिक कठिन है। घाटी में लगने वाले जाम से लोग परेशान हैं। नूंह की दूरी 16 किमी है और गुड़गांव 20 किमी पर गुड़गांव पहुंचना अधिक आसान है।

संघर्ष समिति की मांग न मानने पर दुकान बंद रखने का फैसला
गुड़गांव। संघर्ष समिति की ओर से केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह को 11 सूत्रीय मांग का ज्ञापन दिया गया है। इसमें तावड़ू को मेवात से अलग करने की प्रमुख मांग है। जब तक सरकार की ओर से उसे गुड़गांव में जोड़ने का फैसला नहीं हो जाता दुकान बंद रहेंगी।


युवक की पिटाई से बिगड़ा माहौल
तावडू़ कस्बे में कर्फ्यू में ढील के दौरान सुबह एक पुलिस के जवान द्वारा श्याम कश्यप नामक युवक को घर से बाहर निकलने पर पीटने को लेकर नया विवाद हो गया है। आरोप है कि उसके पिता के विरोध करने पर जवान ने उसे भी पीट दिया। विवाद बढ़ने पर फरीदाबाद के एसीपी दिनेश कुमार ने कस्बे को लोगों को जवान के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कर दिया है।

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