तंदूर कांड के दोषी की अर्जी पर कोर्ट ने मांगा जवाब
पत्नी नैना साहनी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व युवा कांग्रेस नेता की अर्जी पर हाईकोर्ट ने उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।
तंदूर कांड के दोषी सुशील शर्मा ने सजा माफ करने व जेल से जल्द रिहाई की मांग की है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने सुशील शर्मा की अर्जी पर सरकार व उपराज्पाल को 15 सितंबर तक पक्ष रखने के लिये कहा है कि वह इस पर विचार कर रहे हैं या नहीं।
सुशील शर्मा इन दिनों मां की तबियत खराब होने के चलते पेरोल पर हैं। शर्मा ने याचिका में लिखा है कि वह बीस साल से ज्यादा समय से जेल में है और सेंटेंस रिव्यू बोर्ड के दिशा-निर्देशों के मुताबिक उसे जेल से शीघ्र रिहा किया जाना चाहिये।
सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील की थी फांसी की सजा
पूर्व कांग्रेस नेता शर्मा ने अधिवक्ता सुमित वर्मा के जरिये दायर अर्जी में कहा कि जेल से जल्द रिहा करने संबंधी उसकी अर्जी पर सरकार व उपराज्यपाल को जल्द विचार करने का निर्देश दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करते हुए कहा था कि उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में काटनी होगी लेकिन उसे कानून के मुताबिक राहत दी जा सकती है।
निचली अदालत ने नैना साहनी हत्याकांड का दोषी ठहराते हुये 2003 में मौत की सजा सुनाई थी और दिल्ली हाईकोर्ट ने 2007 इस सजा पर मुहर लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को आजीवन कारावास में तब्दील कर दिया था।
पुलिस का आरोप था कि सुशील ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर दो जुलाई 1995 को नैना साहनी हत्या कर दी थी। उसके बाद वह नैना के शव को एक रेस्टोरेंट में ले जाकर टुकड़े कर तंदूर में जलाने की कोशिश की थी।