कोरोना संक्रमण से बचाव की जंग: लीजिए बूस्टर डोज, वायरस पास भी नहीं फटकेगा
विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क व शारीरिक दूरी के साथ-साथ टीके को भी महत्वपूर्ण बताया है। समाज के विभिन्न तबके ने भी लोगों से टीके की खुराक लेने की अपील की है।
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कोरोना संक्रमण से बचाव की जंग में टीके को अहम हथियार माना जा रहा है। बीते दो साल से देशभर में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चल रहा है। अकेले दिल्ली में अभी तक 3,51,25,595 लोग टीका लगवा चुके हैं। बीते बुधवार को ही दिल्ली में 23,270 लोगों ने खुराक ली थी।
इसमें से पहली खुराक लगवाने वाले 1384, दूसरी खुराक वाले 4280 व एहतियाती खुराक वाले लोगों की संख्या 17,606 थी। विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क व शारीरिक दूरी के साथ-साथ टीके को भी महत्वपूर्ण बताया है। समाज के विभिन्न तबके ने भी लोगों से टीके की खुराक लेने की अपील की है।
लोग सोचते हैं कि उन्होंने पहली खुराक ले ली है, ऐसे में अब कोरोना उन्हें नहीं होगा। लोगों को यह समझना होगा कि केवल पहली या दूसरी खुराक लगवाने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि खुराक की वजह से कुछ समय के लिए हमारे शरीर में एंटीबॉडी रह जाती है। -डॉ. रेणु सहरावत, दिल्ली सरकार की डिस्पेंसरी में पूर्व कार्यरत
कई लोगों को टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी कोरोना हुआ है। जिन लोगों ने अभी तक पहली खुराक भी नहीं लगवाई है, ऐसे लोगों को टीकाकरण में जरूर शामिल होना चाहिए, क्योंकि यह आपके साथ-साथ आपके परिवार के लिए भी सुरक्षित है। -डॉ. एसके त्यागी, पूर्व अतिरिक्त निदेशक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सावधानी ही कोरोना से बचाव है। कई लोग टीकाकरण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। दिल्ली की बड़ी आबादी टीका लगवा चुकी है। हालांकि, दिल्ली का एक बड़ा हिस्सा शेष है, जिसने टीका नहीं लगवाया है। ऐसे में सभी लोगों को टीका लगवाना चाहिए। साथ ही अपने परिवार को भी टीकाकरण के लिए आगे लाना चाहिए। -भुवन भास्कर, पर्यावरणविद
टीकाकरण न केवल कोरोना से आपका बचाव करेगा, बल्कि इससे आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा। टीके की पहले, दूसरे के साथ बूस्टर डोज लेने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। सबको बूस्टर डोज लेनी चाहिए। यह हम सबकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। -ऊषा रंगनानी, पुलिस उपायुक्त, उत्तर पश्चिम दिल्ली
टीकाकरण की अहम भागीदारी है, जिससे लोगों में एंटीबॉडी बन गई है। हालांकि, कई लोग सिर्फ दो खुराक लेने के बाद एहतियाती खुराक नहीं ले रहे हैं, जबकि पहले से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण का अधिक खतरा है। -सुमन नलवा, पुलिस उपायुक्त
दूसरी लहर में जिस तरह हालात बिगड़े थे, अगर वैक्सीन नहीं आती तो और भी ज्यादा भयावह हालात बन सकते थे। मैं वैक्सीन की दो डोज पहले ही लगवा चुका हूं। अब बूस्टर डोज लगवाने की तैयारी कर रहा हूं। कोरोना से बचाव की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। -मूर्तिकार रामसुतार, पद्मश्री एवं पद्मभूषण