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तीन लोगों की मौत के विरोध में सफाईकर्मियों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 31 Mar 2017 10:55 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फरीदाबाद सेक्टर 31 नगर निगम के डिस्पोजल टैंक में बुधवार को सफाई करने उतरे तीन लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से हुई मौत के विरोध में बृहस्पतिवार को सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे और निगम मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
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पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी दिए जाने के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म हुआ। इसके बाद परिजनों ने मृतकों का पोस्टमार्टम करा उनका अंतिम संस्कार कराया। वहीं निगमायुक्त सोनल गोयल ने पीड़ित परिवार से मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया और घटना पर दु:ख जताया।
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बता दें कि बुधवार को डिस्पोजल टैंक की सफाई करने उतरे ठेकेदार के कर्मचारी राहुल, अतर सिंह और संतोष की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना से नाराज परिजनों और अन्य सफाईकर्मियों ने बृहस्पतिवार को सुबह निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। परिजनों ने बगैर किसी मुआवजे के शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। दोपहर तक सफाई कर्मचारी यूनियन के लोग प्रदर्शन करते रहे।
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प्रदशर्न करने वाले सफाई कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री, बलवीर बाल गुहेर, अनूप चिंडालिया, सुभाष फौगाट, म्युनिसिपल कारपोरेशन इम्पलाइज फेडरेशन के रमेश जागलान, सुभाष राजू भटोतिया, रोहतास रेडू सहित पदाधिकारियों ने निगमायुक्त सोनल गोयल से मुलाकात कर दोषी ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई करने के साथ-साथ मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की भी मांग की।
इस दौरान संयुक्त आयुक्त बल्लभगढ़ अमरदीप जैन, एनआईटी संयुक्त आयुक्त मुकेश सोलंकी, प्रशासनिक अधिकारी केके गोयल, अधीक्षक अभियन्ता अनिल मेहता सहित अन्य अधिकारियों ने भी घटना के बाबत विचार विमर्श किया और निगमायुक्त से सहयोग करने की गुजारिश की।
निगम प्रशासन देगा 10-10 लाख रु पये सहायता:
निगमायुक्त सोनल गोयल ने सफाईकमयों की मांगों को जायज मानते हुए मृतकों के परिजनों को उच्चतम न्यायालय के वर्ष 2003 के निर्णय अनुसार तुरन्त 10-10 लाख रुपये और घायलों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये देने की घोषणा की। क्योंकि सीवरेज ट्रीटप्लांट का कार्य अनुबंध के आधार पर ठेकेदार को दिया हुआ था और ठेकेदार लापता है। इसलिए निगमायुक्त द्वारा उस ठेकेदार की पेमेंट में से उक्त राषि काटकर मृतकों के आश्रितों को देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त तीनों मृतकों के आश्रितों को आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत एक-एक नौकरी देने का भी आश्वासन दिया। निगमायुक्त ने यूनियन के प्रतिनिधियों को बताया गया कि संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही उन्होंने लापरवाही बरतने वाले निगम अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
मृतकों की पत्नी व मां से मिली निगमायुक्त:
-निगमायुक्त सोनल गोयल निगम मुख्यालय पहुंची मृतकों की पत्नी और मां से मिलकर घटना पर दुख जताया और उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। उन्होंने कहाकि निश्चित रूप से घटना बहुत ही दुखद है। इससे पूरा निगम परिवार दुखी है। लेकिन ईश्वर को शायद यही मंजूर था। उन्होंने कहाकि पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। इससे पूर्व निगमायुक्त वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अस्पताल का दौरा कर हादसे में घायल कर्मचारियों का हालचाल जाना। पीड़ित परिजनों से दुख की इस घड़ी में हिम्मत से काम लेने का आग्रह किया।
सुरक्षा उपकरण खरीदने के आदेश:
-उन्होंने इस घटना में अत्यंत दुख प्रकट करते इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देष दिए। निगमायुक्त ने अधीक्षण अभियंता को मौके पर सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण तुरंत खरीदने व सीवरमैनों को देने के आदेश भी जारी किए। उन्होंने सभी कनिष्ठ अभियन्ता व सहायक अभियन्ताओं को भी निर्देष जारी किए कि वह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। वहीं दूसरी ओर इंजीनियरों ने भी निगमायुक्त से मिलकर अपना पक्ष रखने की कोशिश की। लेकिन माना जा रहा है कि निगमायुक्त ने उन्हें कोई तवज्जो नहीं। क्योंकि इस पूरी घटना में संबंधित ठेकेदार के अलावा उस क्षेत्र के जेई और एसडीओ भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं।