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Swati Maliwal: स्वाति मालीवाल का बड़ा खुलासा, बोलीं- बचपन में मेरे पिता करते थे मेरा यौन शोषण

Sat, 11 Mar 2023 06:25 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 11 Mar 2023 06:25 PM IST
सार

Delhi Mahila Aayog Chairman: स्वाति मालीवाल ने कहा कि जब मैं बच्ची थी तब पिता मेरा शोषण करते थे। वह मुझे पीटते थे, जिससे मैं बिस्तर के नीचे छिप जाती थी।

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Swati Maliwal said My father used to sexually abuse me in childhood
स्वाति मालीवाल, डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा किया है। स्वाति ने कहा है कि मेरे पिता बचपन में मेरा यौन शोषण करते थे। वह गुस्से में मेरी चोटी को पकड़कर दीवार से टकरा देते थे, इस कारण मैं डर कर पलंग के नीचे छिप जाती थी, कई रातें मैंने ऐसे ही बिताई हैं। जब तक मैं अपने पिता के साथ रही, तब तक ये कई बार हुआ। स्वाति ने शनिवार को एक कार्यक्रम में अपनी यह दर्द भरी आपबीती सुनाई।

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दिल्ली महिला आयोग की ओर से शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए स्वाति ने कहा कि मैं चौथी कक्षा तक अपने पिता के साथ रही। जब मेरे पिता जैसे ही घर आते थे मैं डर जाती थी। वह गुस्से में बिना वजह मुझे पीटते थे। डर के कारण मैंने कई रातें तो बिस्तर के नीचे छिपकर बिताई हैं। मैं डरकर सहमती और कांपती रहती थी। तड़प में उस समय मैं केवल यह सोचती थी कि ऐसा क्या किया जाए कि ऐसा शोषण करने वाले और घरेलू हिंसा करने वाले मेरे पिता जैसे आदमियों को सबक सिखा सकूं।

 

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अपने बचपन के संघर्ष को बताते स्वाति ने अपनी बहन, मां और उनके साथ होने वाली मार पिटाई और डर के वातावरण वाली अपनी जिंदगी का कहानी बताई। उन्हें यह पता नहीं चलता था कि कब उनके पिता उनकी पिटाई कर दें। स्वाति ने कहा कि उनका बचपन शराबी पिता के घरेलू हिंसा की पीड़ा को झेलते हुए ही बीता है। वह कहती हैं कि मेरी जिंदगी में मेरी मां, मेरी मौसी, मौसाजी और मेरे नानी-नानाजी न होते तो शायद मैं उस पीड़ा से बाहर नहीं निकल पाती और शायद यहां ना होती जहां मैं आज खड़ी हूं।

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स्वाति ने कहा कि मेरा मानना है कि जब अत्याचार होता है तब बहुत बड़ा बदलाव भी आता है। उस अत्याचार को सहते हुए आपके भीतर एक आग जलती है जिसे आप सही जगह लगा दें तो आप जीवन में बड़े-बड़े काम कर सकते हैं। आज जितने लोगों को पुरस्कृत किया है उनकी एक कहानी है। इस कार्यक्रम में ऐसी सशक्त महिलाएं भी हैं जिन्होंने अपनी समस्याओं का डटकर सामना किया है।

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