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Swati Maliwal Case: आतिशी का बड़ा दावा, 'पिछले कुछ माह से स्वाति मालीवाल भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं'
Sat, 18 May 2024 11:26 AM IST
शाहरुख खान
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 18 May 2024 11:26 AM IST
सार
Swati Maliwal Assault Row: आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल के आरोपों पर दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि आतिशी पिछले कुछ माह से भाजपा नेताओं के संपर्क में थी।
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Swati Maliwal Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आप सांसद स्वाति मालीवाल मारपीट मामले पर दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि स्वाति मालीवाल पर एंटी करप्शन ब्यूरो का एक भर्ती घोटाले का मामला चल रहा है। अब इस मामले में जांच चल रही है।
इसलिए ऐसा लगता है कि भाजपा का ये जो फॉर्मूला है कि अलग-अलग नेताओं पर केस करना, उसी फॉर्मूले को स्वाति मालीवाल पर इस्तेमाल किया गया होगा। हमें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि पिछले कुछ महीनों से वे (स्वाति मालीवाल) लगातार भाजपा के नेताओं के संपर्क में हैं तो दिल्ली पुलिस इस बात की जांच करे कि ये कैसा षडयंत्र है।
इस पर पूरी जांच होनी चाहिए कि स्वाति मालीवाल किस तरह से भाजपा के संपर्क में थीं। आप नेता आतिशी ने कहा कि जिस तरह विपक्षी नेताओं को ब्लैकमेल करने और उन्हें भाजपा में शामिल करने के लिए ईडी, सीबीआई, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, आयकर विभाग, आर्थिक अपराध शाखा का इस्तेमाल किया गया, उसी तरह स्वाति मालीवाल मामले में भी यही फॉर्मूला प्रयोग किया गया है।
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स्वाति मालीवाल के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस किया है, एफआईआर हो चुकी है और जांच चल रही है और इसी का इस्तेमाल करते हुए स्वाति मालीवाल से ये साजिश रची गई और उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।
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इसलिए ऐसा लगता है कि भाजपा का ये जो फॉर्मूला है कि अलग-अलग नेताओं पर केस करना, उसी फॉर्मूले को स्वाति मालीवाल पर इस्तेमाल किया गया होगा। हमें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि पिछले कुछ महीनों से वे (स्वाति मालीवाल) लगातार भाजपा के नेताओं के संपर्क में हैं तो दिल्ली पुलिस इस बात की जांच करे कि ये कैसा षडयंत्र है।
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इस पर पूरी जांच होनी चाहिए कि स्वाति मालीवाल किस तरह से भाजपा के संपर्क में थीं। आप नेता आतिशी ने कहा कि जिस तरह विपक्षी नेताओं को ब्लैकमेल करने और उन्हें भाजपा में शामिल करने के लिए ईडी, सीबीआई, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, आयकर विभाग, आर्थिक अपराध शाखा का इस्तेमाल किया गया, उसी तरह स्वाति मालीवाल मामले में भी यही फॉर्मूला प्रयोग किया गया है।
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स्वाति मालीवाल के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस किया है, एफआईआर हो चुकी है और जांच चल रही है और इसी का इस्तेमाल करते हुए स्वाति मालीवाल से ये साजिश रची गई और उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने मांग की है कि इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि स्वाति मालीवाल किस-किस के संपर्क में थीं, किन-किन भाजपा नेताओं से कब-कब मिलीं, कॉल और व्हाट्सएप पर क्या बातचीत हुई।
#WATCH | AAP leader & Delhi minister Atishi says, "...The way ED, CBI, anti-corruption bureau, Income tax dept, Economic Offences Wing were used to blackmail opposition leaders and make them join BJP, similarly in Swati Maliwal case also same formula was used. There is a case… pic.twitter.com/YAwUbZ1gov
— ANI (@ANI) May 18, 2024
'मुझे सात-आठ थप्पड़ मारे, शरीर के निचले हिस्से पर लात मारी'; FIR में स्वाति मालीवाल के आरोप
आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने कुछ दिनों पहले आरोप लगाए थे कि उनके साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास पर सीएम के सहयोगी बिभव कुमार ने मारपीट और बदसलूकी की थी। इस मामले पर शुक्रवार को पुलिस ने स्वाति मालीवाल के मजिस्ट्रेट के समाने कलमबंद बयान दर्ज कराए। स्वाति मालीवाल ने एफआईआर में बिभव कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्वाति मालीवाल की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को कई बार लात और करीब सात-आठ थप्पड़ मारे। स्वाति जब मदद के लिए चिल्लाने लगीं तब भी बिभव नहीं रुके।
स्वाति ने बताया कि वह लगातार मदद के लिए चिल्ला रही थीं लेकिन बिभव नहीं रुका। आरोप लगाया कि बिभव ने उनकी छाती, पेट और शरीर के निचले हिस्सों पर लात से हमला किया। स्वाति की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें उन्होंने बिभव कुमार को आरोपी बनाया था।
एफआईआर में स्वाति मालीवाल ने बताई घटना की सच्चाई
दिल्ली पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, मालीवाल ने 13 मई की घटनाओं का जिक्र किया है। जब वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर गई थीं। उन्होंने कहा कि मैं कैंप कार्यालय के अंदर गई। सीएम के पीए बिभव कुमार को फोन किया। लेकिन मैं अंदर नहीं जा सकी। फिर मैंने उनके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा था। हालांकि, कोई जवाब नहीं आया।
दिल्ली पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, मालीवाल ने 13 मई की घटनाओं का जिक्र किया है। जब वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर गई थीं। उन्होंने कहा कि मैं कैंप कार्यालय के अंदर गई। सीएम के पीए बिभव कुमार को फोन किया। लेकिन मैं अंदर नहीं जा सकी। फिर मैंने उनके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा था। हालांकि, कोई जवाब नहीं आया।
इसके बाद मैं उनके आवास के परिसर में गई। जहां मैं अक्सर जाती थी। वहीं बिभव कुमार मौजूद नहीं थे। इसलिए मैंने आवास परिसर में एंट्री की और वहां मौजूद कर्मचारियों को जानकारी दी कि वे यहां सीएम से मिलने के लिए आई हैं। यह सब बातें एफआईआर में लिखी गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि मुझे बताया गया कि वह घर में मौजूद हैं और मुझे ड्राइंग रूम में इंतजार करने के लिए कहा है। मैं ड्राइंग रूम में गई और सोफे पर बैठ गई और उनके मिलने का इंतजार किया।
मुझे पता चला की सीएम मिलने के लिए आ रहे हैं। लेकिन अचानक पीए बिभव कुमार कमरे में घुस आए। उन्होंने बिना किसी उकसावे के चिल्लाना शुरू कर दिया। मुझे गालियां भी दीं। मैं स्तब्ध रह गई। इतना ही नहीं मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। जब मैं लगातार चिल्लाती रही तो मुझे कम से कम सात से आठ बार थप्पड़ मारा। मैं वहां मदद के लिए भी चिल्लाई थी। जानबूझकर मेरी शर्ट ऊपर खींची।
उन्होंने बताया कि मैंने उनसे बार-बार कहा कि मैं मासिक धर्म के दौर से गुजर रही हूं। कृपया मुझे जाने दें। लेकिन जाने नहीं दिया। फिर मैं वहीं बैठ गई। मैं ड्राइंग रूम के सोफे पर गई और हमले के दौरान जमीन पर गिरे अपने चश्मे को उठाया। इसके बाद 112 नंबर पर फोन किया और पुलिस को सूचना दी।
वहीं, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी महिला द्वारा जब ऐसा आरोप लगाया जाता है तो लोगों की सहानुभूति उसके साथ होती है, हमारी भी थी, लेकिन 13 तारीख का मुख्यमंत्री आवास से एक वीडियो सामने आया है।
(वीडियो में) उनके कपड़ें ठीक-ठाक दिख रहे हैं, वे आराम से सोफे पर बैठी हैं, उस वीडियो में वे कह रही हैं कि वे पुलिस को फोन कर चुकी हैं और PCR आ रही है। तो उनके अनुसार वो तथाकथित मारपीट की घटना उनके साथ हो चुकी है लेकिन वे तो ठीक-ठाक नजर आ रही हैं।
कल 17 तारीख को, चार दिन बाद जब वे मेडिकल और बयान दर्ज करवाने कोर्ट गईं तो वे इतना आराम-आराम से और लंगड़ाकर चल रही हैं। ये विरोधाभास है वे (जेपी नड्डा) कह रहे हैं कि स्वाति मालीवाल के संपर्क में भाजपा का कोई नेता नहीं है। भाजपा के वरिष्ठ नेता उनके (स्वाति मालीवाल) के संपर्क में हैं और ये बात जेपी नड्डा भी जानते हैं।