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पॉक्सो एक्ट में बदलाव के अध्यादेश को मंजूरी के बाद स्वाति मालीवाल ने किया अनशन तोड़ने का ऐलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 21 Apr 2018 08:29 PM IST
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- फोटो : ANI
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने अपना अनशन तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बलात्कार के मामलों में अपराधियों, विशेष रूप से 12 साल और 16 वर्ष से कम उम्र के लड़कियों के खिलाफ सजा के लिए अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को वह अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर देंगी।
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Delhi Commission for Women Chairperson Swati Maliwal announces she would break her indefinite hunger strike tomorrow after Union Cabinet approved Ordinance for punishment for perpetrators of rape cases especially those against girls below 12 years & 16 years of age, today. pic.twitter.com/cvDtLR5QQi
— ANI (@ANI) April 21, 2018विज्ञापन
स्वाति मालीवाल कहा, अध्यादेश में लिखा है कि 12 साल तक की बच्ची से बलात्कार पर फांसी की सजा होगी और मामले की सुनवाई 6 महीने में पूरी होगी। देशभर में नए फास्ट ट्रैक कोर्ट और स्पेशल टीमें बनाई जाएंगी, जो रेप केस की जांच करेंगी।
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मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अनशन खत्म होगा, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, 'मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं, ये आपकी मेहनत, जज्बे और तपस्या का नतीजा है।'
कैबिनेट ने लिया है ये निर्णय
- मोदी सरकार लाएगी आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश, 2018
- 16 वर्ष से उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार केमामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं
- 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार केमामले में न्यूनतम 20 वर्ष कारावास
- 12 वर्ष की बच्चियों के साथ गैंगरेप के मामले में सजा उम्रकैद या फांसी
- 16 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार केमामले में न्यूनतम सजा 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष कैद
- 16 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में ताउम्र कैद
- महिलाओं के साथ बलात्कार मामले में न्यूनतम सजा 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष और अधिकतम सजा उम्रकैद
- बलात्कार मामले की जांच और ट्रायल दो-दो महीने के भीतर
कठुआ और सूरत में बच्ची के साथ बलात्कार व हत्या की घटनाओं के बाद आम लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रधानंमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने पॉक्सो एक्ट में बदलाव करने का निर्णय कर लिया है। अब 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ बलात्कार के दोषियों को फांसी तक की सजा हो सकती है। अब तक अधिकतम सजा उम्रकैद थी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि बलात्कार के सभी मामले की जांच और ट्रायल फास्ट ट्रैक होगा। दो महीने के जांच और दो महीने में ट्रायल में पूरा करना होगा। इसकेअलावा 16 वर्ष से उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार केमामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं होगा।