राज्य सभा का टिकट पाते ही सुशील गुप्ता ने 'आप' नेता को भेजा अवमानना का नोटिस
आप के राज्यसभा प्रत्याशी सुशील गुप्ता ने भेजा नोटिस
-कपिल मिश्रा, प्रवेश वर्मा व हरीश खुराना से कहा टिकट खरीदने के आरोप पर बिना शर्त माफी मांगे
-पांच-पांच करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर करने की दी चेतावनी
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आम आदमी पार्टी से राज्यसभा टिकट के लिए नामांकन दाखिल करने वाले सुशील गुप्ता पहले ही दिन कानूनी लड़ाई में पड़ गए है। उन्होंने आप के विद्रोही विधायक कपिल मिश्रा, भाजपा सांसद प्रवेश सिंह वर्मा व हरीश खुराना को टिकट खरीदने का आरोप लगाने पर कानूनी नोटिस देकर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
इतना ही नहीं उन्होंने माफी न मांगने पर 5-5 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी है। अधिवक्ता अतुल खुराना के जरिए भेजे गए नोटिस में गुप्ता ने कहा है कि वे समाज के एक प्रतिष्ठ व्यक्ति है और समाज में उनका मान सम्मान है।
उन्होंने कहा कि वे महाराजा अग्रसेन अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, मेडीकल विश्वविद्यालय, गंगा इंटरनेशनल स्कूल के अलावा कई अन्य स्कूल कॉलेजों में उच्च पद पर हैं। गुप्ता ने कहा उन्हें विभिन्न समाचार पत्रों व सोशल मीडिया पर यह देखकर दुख हुआ कि आप तीनों ने मुझ पर 50 से 70 करोड़ रुपये में टिकट खरीदने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि मैं अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट कर रहा हूं।
यह सरासर मानहानि के अपराध की श्रेणी में बयान है
सुशील के अधिवक्ता ने कहा कि इस प्रकार के बयानों ने उनके मुवक्किल की समाज में प्रतिष्ठा कम करने का प्रयास किया गया है। यह सरासर मानहानि के अपराध की श्रेणी में बयान है।
ऐसे में तीनों तुंरत प्रभाव से समाचार पत्रों के प्रथम पृष्ठ पर माफी नामा देकर अपने दिए गए बयानों पर माफी मांगे, वरना तीनों के खिलाफ पांच-पांच करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। दरअसल तीनों नेताओं ने उन पर टिकट खरीदने का आरोप लगाया था।
बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी पर 50 करोड़ में टिकट बेचने का आरोप लगाया था। प्रवेश वर्मा ने कहा था सुशील गुप्ता मेरे अच्छे दोस्त रहे हैं। उन्होंने मुझे बताया है कि आप ने 50 करोड़ लेकर उन्हें टिकट दिया है। इसी प्रकार कपिल मिश्रा व हरीश खुराना ने भी टिकट खरदीने का आरोप लगाया है।
केजरीवाल के आवास पर पहुंचे नाराज कार्यकर्ता
राज्य सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) में मचे घमासान के बीच बृहस्पतिवार सुबह पार्टी के कुछ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं को कहना था कि उनका मकसद केजरीवाल से टिकट बंटवारे का फार्मूला पता करना है। पार्टी के भीतर बेहतर नेता होने के बावजूद आप नेतृत्व ने किस आधार पर बाहरी लोगों को टिकट दिया।
मुख्यमंत्री आवास पर सुबह करीब आठ बजे पहुंचे आप कार्यकर्ताओं में महिलाएं भी शामिल थीं। करीब एक घंटे तक मौके पर मौजूद रहने के बावजूद उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो सकी। आखिर में सभी वापस लौट गए। एक कार्यकर्ता गौरव राय ने कहा कि आप के कार्यकर्ताओं की आपत्ति इस बात पर है कि कुमार विश्वास व आशुतोष जैसे नाम पार्टी के भीतर होने के बावजूद दो बाहरी लोगों को टिकट दिया गया।
आप कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पार्टी से वैकल्पिक राजनीति देने की उम्मीद करने वाले आम कार्यकर्ताओं को इससे ठेस पहुंची है। यह किसी भी पैमाने पर ठीक भी नहीं है। मुख्यमंत्री से सवाल भी यही होगा कि आखिर दो बाहरी लोगों की योग्यता क्या है। किस हैसियत वह पार्टी का राज्य सभा में नेतृत्व करेंगे। खास तौर से सुशील गुप्ता तो मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये मुहिम भी चला चुके हैं। यह अचानक आप के पसंदीदा कैसे हो गए।
गौरव राय ने कहा कि काफी देर तक वह मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात करने की अपील करते रहे। लेकिन उन्हें आवास में जाने नहीं दिया गया। बार-बार कहा गया कि मुख्यमंत्री के पास वक्त न होने की बात बार-बार कही गयी। ऐसे में सभी वापस लौट गये। हालांकि, आप कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री अगर अपने कार्यकर्ता से सीधी मुलाकात करने से डर रहे हैं तो तो उन्हें सोशल मीडिया पर ही सफाई दे देनी चाहिये।