सर्वे: केजरीवाल के लिए खतरा, कांग्रेस को फायदा
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दिल्ली विधानसभा में अगले साल चुनाव होने हैं। आम आदमी पार्टी ने अब तक 45 उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। जहां भाजपा एक ओर चुनाव की तैयारी में जुटी है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी दिल्ली में रंग में लौटने की हरसंभव कोशिश कर रही है।
केजरीवाल विदेश में चंदा जुटाने में लगे हैं। तो पार्टी का पीक ऑवर चुनावी कैम्पेन शुरु हो चुका है। बीजेपी ने हर वोटर तक पहुंचने की मुहिम ठान ली है। ऐसे में लगभग एक साल से सीएम का इंतजार कर रही राजधानी में चुनावी जमीन पूरी तरह से तैयार है।
इससे पहले एबीपी नेल्सन के सर्बे में बीजेपी आसान जीत की तरफ बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी जिसमें बीजेपी को 46 सीटें मिलती हुई दिखाई दे रही थीं। दिसम्बर में दोबार हुए सर्वे में भी बीजेपी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। हालांकि एक महीने में बीजेपी को एक सीट का नुकसान दिख रहा है। इस सर्वे में बीजेपी 46 से घटकर 45 सीटों पर आ गई है।
वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी को भी इस सर्वे में नुकसान होता दिख रहा है। नवंबर में हुए सर्वे में आप के पास 18 सीटें दिखाई दे रही थीं। वहीं दिसम्बर में ये आंकड़ा 17 सीटों पर सिमट गया है।
कांग्रेस की बात करें तो इस सर्वे में फायदा होता दिखाई दे रहा है। नवंबर में जहां कांग्रेस की 5 सीटें सर्वे में दिख रही थीं। वहीं दूसरी ओर अब काग्रेंस दो सीटों की बढ़त लेती दिखाई दे रही है।
क्या है दिल्ली का मिजाज
70 सीटों वाली इस विधानसभा में आगामी चुनावों में तस्वीर किस तरह की हो सकती है। किसकी कोशिशें कामयाब दिख रही हैं और किसकी नहीं। दिल्ली में 12 सीटें ऐसी हैं जो कि आरक्षित हैं। बीजेपी ने उन सभी वोटरों कों साधने की कोशिश की है जो दिल्ली में अलग-अलग संप्रदाय से ताल्लुक रखते हैं। इसी वजह से इससे पहले बीजेपी अपना भाषाई पोस्टर अभियान चला चुकी है।
दिल्ली की जनता तक पहुंचने के लिए आम आदमी पार्टी ने भी दिल्ली डॉयलॉग के जरिए दिल्ली के सुलगते सवालों से चुनावी जमीन तलाशने की कोशिश की। इसके अलावा दिल्ली की जनता के उन मुद्दों को भी दोबारा जिंदा किया है जिनपर 2013 का चुनाव आम आदमी पार्टी ने लड़ा और अच्छी सीटें जीतने में भी कामयाब रही।
नेलसन के सर्वे में नवंबर में ये थी तस्वीर
2014 दिल्ली विधानसभा में नेल्सन के पहले ओपिनियन की तस्वीर
भारतीय जनता पार्टी-------46
कांग्रेस-------5
बसपा-------0
आम आदमी पार्टी-------18
अन्य-------1
एक महीने में बदल गयी दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी-------45
कांग्रेस-------7
आम आदमी पार्टी-------17
अन्य-------1
राजधानी में केजरीवाल का जलवा बरकरार
दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच जहां भाजपा जीत के बड़े-बड़े दावे कर रही है वहीं आज भी अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रुप में पहली पसंद बने हुए हैं। एबीपी नेलसन के मुताबिक दिल्ली में आज भी लोग अरविंद को मुख्यमंत्री पद का सबसे बड़ा उम्मीदवार मानते हैं।
हालांकि मोदी दिल्ली में सबसे लोकप्रिय नेता के रुप में काबिज हैं। यहां अरविंद केजरीवाल पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल की मुख्यमंत्री के पहली पसंद बने हुए हैं। सर्वे में 39 प्रतिशत लोगों ने अरविंद को मुख्यमंत्री की पहली पसंद बताया है।
हालांकि नवंबर के नेलसन के सर्वे में मोदी अरविंद मुख्यमंत्री के रुप में 43 प्रतिशत लोगों की पहली पसंद बने थे। यानि की एक महीने में अरविंद को पसंद करने वालों की लोकप्रियता में कमी आई है। केजरीवाल को एक महीने में 4 प्रतिशत लोगों की पसंद का नुकसान है।
सबसे आगे है मफलर मैन
नेलसन के इस सर्वे में पिछली बार बीजेपी के मुख्यमंत्री के दावेदार हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री के दूसरे पसंदीदा उम्मीदवार के रुप में चुना है। इन्हें 38 प्रतिशत लोग बेहतर मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। हर्षवर्धन को भी 1 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। पिछले महीने हर्ष 39 प्रतिशत लोगों की पसंद बने हुए थे।
दिल्ली में कौन है मुख्यमंत्री की पहली पसंद
अरविंद 43% (दिसंबर) 39% (नवंबर)
हर्षवर्धन 39% (दिसंबर) 38 % (नवंबर)
दिल्ली का सबसे लोकप्रिय नेता
नरेन्द्र मोदी (दिसंबर)58 % 63 %(नवंबर)
अरविंद केजरीवाल (दिसंबर)33% 32 % (नवंबर)