सर्वे: 38 प्रतिशत महिलाओं में मिली खून की कमी
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स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में 38 प्रतिशत महिलाओं में एनीमिया मिला है। विभाग ने इन महिलाओं को दवाइयां दीं, ताकि उनके अंदर हीमोग्लोबिन की कमी पूरी हो सके, लेकिन जब कुछ अंतराल के बाद दोबारा से इनकी जांच की गई तो केवल 5 फीसदी महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर सुधर सका था।
इन महिलाओं की स्वास्थ्य विभाग दोबारा से खून की जांच करेगा। विभाग ने जेवर, दनकौर, दादरी और बिसरख ब्लॉक की सामुदायिक केंद्र में आने वाली महिलाओं पर सर्वे किया था।
सर्वे में मार्च से लेकर अब तक 4,382 महिलाओं में खून की जांच की गई थी। इसमें से 1,654 महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी मिली है।
इन जगहों पर किया गया सर्वे
वहीं 144 महिलाओं में 7 मिलीग्राम या फिर उससे थोड़ा ज्यादा हीमोग्लोबिन मिला है। इनको तुरंत इलाज की जरूरत थी। सर्वे में शामिल होने वाली सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाएं थीं। सभी महिलाओं को हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए दवाइयां दी गई थीं।
डॉ. एचएम लवानिया ने बताया कि 7 मिलीग्राम से नीचे होने पर सीवियर एनीमिया होता है। इन महिलाओं को तुरंत इलाज मिलना जरूरी होता है।
हीमोग्लोबिन की कमी होने पर शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। वैसे महिलाओं में 13 से 15 मिलीग्राम खून हो तो स्वस्थ माना जाता है।
इन जगहों पर किया गया सर्वे
ब्लॉक जांच में शामिल महिलाएं एनीमिया से पीड़ित
बिसरख 2,866 1,154
दादरी 987 287
दनकौर 340 141
जेवर 189 72