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'सर्जिकल स्ट्राइक आक्रामक विदेश नीति का हिस्सा'
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 30 Sep 2016 10:22 AM IST
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उड़ी में हुए आतंकी हमले में जवानों की शहादत का बदला भारत ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बुधवार देर रात आतंकियों को ढेर करके लिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक को बीएसएफ के पूर्व डीजी पदमश्री प्रकाश सिंह ने आक्रामक विदेश नीति का हिस्सा बताया है।
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उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलेट्री ऑपरेशन) ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस करके ऐलान किया हो। इसके कई मायने हैं। उड़ी हमले के बाद जहां देशवासियों का मनोबल कमजोर पड़ने लगा था।
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अब भारत के लोगों का मनोबल बढ़ेगा। प्रकाश सिंह ने यूपीए शासनकाल को याद करते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने ऐसे कदम कभी नहीं उठाए, जबकि मोदी सरकार ने सामरिक दबाव बनाया है।
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इसका इशारा उड़ी हमले के बाद ही हो गया था जिसमें सेना ने कहा था कि हमले का जवाब जरूर देंगे, लेकिन वक्त और जगह हम तय करेंगे। उन्होंने कि भारत को पाक की प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। अगले 72 घंटों में पाकिस्तान कोई भी हिंसात्मक प्रतिक्रिया दे सकता है।
पाकिस्तान आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को आगे करके आतंकवादी हमले करा सकता है। पाकिस्तान में तख्ता पलट के भी आसार हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सहते रहे हैं, लेकिन अब नहीं सहेंगे। मोदी सरकार का निर्णय बिल्कुल सही है और सही समय पर लिया गया है।
भारत का जवाब देना जरूरी हो गया था
उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान को जवाब देना जरूरी हो गया था। सर्जिकल स्ट्राइक बिल्कुल सही वक्त पर किया गया है। यह कदम काफी सराहनीय है और इसे काफी अच्छे तरीके से अंजाम दिया गया है।
रिटायर्ड ब्रिगेडियर अशोक हक ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकांश देश हमारे साथ हैं। अमेरिका ने भी अपने बचाव में हमले किए हैं।
पूरी दुनिया इस वक्त आतंकवाद से पीड़ित है। कोई भी समझदार देश आतंकवाद का समर्थन नहीं करेगा। जरूरी है कि पूरी दुनिया एक साथ खड़ी होकर आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प ले।