सूरजकुंड मेला: एचआईवी जांच कराने में लड़कियां आगे, 522 युवाओं में 340 युवतियां
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सूरजकुंड मेले में एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के तहत लगाया गया स्वास्थ्य विभाग का स्टॉल युवाओं की दिलचस्पी का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल पर प्रतिदिन औसतन अस्सी युवक युवतियां काउंसलिंग और इस बीमारी के बारे में जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। ग्यारह दिन में 340 युवतियों के साथ कुल 522 युवाओं ने एचआईवी जांच भी कराई।
अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में आने वाले शिल्पकार, कलाकारों के अलावा दर्शकों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डिस्पेंसरी के अलावा स्वास्थ्य विभाग ने एड्स जागरूकता/जांच स्टॉल (नंबर 10) भी लगा रखा है।
शिविर में लोगों को लाइलाज बीमारी एड्स कैसे होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है, जानकारी दी जा रही है। काउंसलर स्टॉल में आने वाले हर युवक-युवतियों को एचआईवी और एड्स के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को एचआईवी टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
स्टॉल पर मौजूद स्टाफ के मुताबिक युवाओं के मुकाबले युवतियां इस बीमारी की जानकारी लेने ज्यादा आ रही हैं। पहचान गुप्त रखी जाने की वजह से टेस्ट भी खूब हो रहे हैं।
एचआईवी/एड्स कंट्रोल सोसायटी के समन्वयक सुभाष गहलोत ने बताया कि 11 दिनों के दौरान 1500 से ज्यादा पर्यटक काउंसलिंग करा चुके है। अभी तक 340 युवतियों सहित 522लोगों ने जांच भी कराई है। अभी तक एक भी केस एचआईवी पॉजिटिव नहीं पाया गया है।
दो घंटे में मिल रही है रिपोर्ट-
हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसायटी के समन्वयक सुभाष गहलोत ने बताया कि मेले में काउंसलिंग के लिए आने वालों को रिपोर्ट के लिए दूसरे दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि अधिकतर पर्यटक मेला देखने एक ही दिन आते हैं इसलिए टेस्ट का परिणाम दो घंटे में दिया जाता है। इधर पर्यटक जांच के लिए रक्त का सैंपल देकर मेला देखने चला जाता है और लौटते समय परिणाम उसे मिल जाता है। जांच कराने वाले का नाम पता और रिजल्ट सब गुप्त रखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य को जांच कराते देख युवा प्रभावित हो रहे हैं और बिना किसी हिचक के जांच करा रहे हैं।