{"_id":"5de586d38ebc3e54b121a745","slug":"supreme-court-said-amrapali-home-buyers-should-pay-money-by-january-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आम्रपाली के घर खरीदार 31 जनवरी तक चुकाएं पैसा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आम्रपाली के घर खरीदार 31 जनवरी तक चुकाएं पैसा
Tue, 03 Dec 2019 03:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 03 Dec 2019 03:19 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम्रपाली के घर खरीदारों को बकाया चुकाने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी तक का समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि वे चाहें तो अपना बकाया किस्तों में या एकसाथ चुका सकते हैं। साथ ही अब निष्क्रिय आम्रपाली समूह या खरीदारों से करार कर चुके 28 बैंकों से कहा गया है कि वे एक महीने में बचा हुआ पैसा वितरित कर दें।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली से 3 हजार करोड़ रुपये के घर खरीदने वालों ने 105 करोड़ रुपया जमा करवाया है। ऐसे में वे बाकी पैसा 31 जनवरी 2020 तक जमा करवाएं।
विज्ञापन
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस यूयू ललित की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से विक्रमजीत बनर्जी से पूछा कि देश में रुके हुए रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा छह नवंबर को घोषित किए 25 हजार करोड़ रुपये के कोष में से कुछ पैसा लोन के तौर पर आम्रपाली समूह के लंबित प्रोजेक्टों को दिया जा सकता है? इसके लिए क्या तौर तरीके अपनाए जा सकते हैं, केंद्र की ओर से जवाब प्रस्तुत करें।
विज्ञापन
ये हैं प्रोजेक्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के आठ प्रोजेक्टों जोडिएक, सफायर - 1, सफायर - 2, सिलिकॉन सिटी, सिलिकॉन सिटी - 2, प्रिंसली एस्टेट, सेंचुरियन पार्क लो राइज और ओ2 वैली का काम पूरा करने का दायित्व एनबीसीसी को सौंपा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इन प्रोजेक्ट में 11,258 फ्लैट हैं।
जेपीमॉर्गन ने तोड़े फेमा नियम, कोर्ट ने तीन महीने में जांच करने को कहा
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने कोर्ट को बताया कि ईडी ने अंतरराष्ट्रीय फर्म जेपीमॉर्गन द्वारा फेमा के नियमों के उल्लंघन के साक्ष्य जुटाए हैं। आम्रपाली समूह से हुए कारोबार पर जेपीमॉर्गन के भारत प्रमुख के बयान लिए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि हालांकि अभी जांच चल रही है, लेकिन प्रथमदृष्ट्या काला धन सफेद करने के साक्ष्य भी सामने आए हैं। इसे लेकर उचित कार्रवाई की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि मामले में जांच निष्पक्षता और उचित ढंग से तीन महीने में पूरी की जाए।
‘लोग जेल जाने को तैयार हैं, पैसा देने को नहीं’
घर खरीदारों के 167 करोड़ रुपये जमा कराने के कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर सुरेखा समूह के निदेशक अखिल सुरेखा उपस्थित हुए। यह पैसा आम्रपाली समूह को भेजा गया था। कोर्ट ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, ‘अगर आप एक हफ्ते में ठोस प्रस्ताव के साथ नहीं आते हैं तो दो अन्य निदेशकों नवनीत सुरेखा व विष्णु सुरेखा सहित आपको जेल में डाल दिया जाएगा। साथ ही आपकी संपत्ति को अटैच कर दिया जाएगा।’ सुरेखा ने कोर्ट से निवेदन किया कि उन्हें कुछ समय दिया जाए क्योंकि उनकी माली हालात ठीक नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा, ‘आजकल लोग जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन पैसा जमा नहीं करवाना चाहते।’