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सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक से समझौते की याचिका की खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 26 Jul 2014 10:34 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक लिमिटेड की नोएडा के सेक्टर 93ए में बनी 40 मंजिला दो इमारतों के कानूनी विवाद के मसले में दो उपभोक्ताओं में से एक की याचिका को खारिज कर दिया।
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इस याचिका में बिल्डर से समझौते की अनुमति की मांग की गई थी। जबकि दूसरी याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।
चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में आपसी समझौता नहीं किया जा सकता। किसी एक उपभोक्ता के समझौते की बुनियाद पर इस मुद्दे का हल नहीं निकल सकता।
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दरअसल एक उपभोक्ता ने कहा था कि बिल्डर उसे सुप्रीम कोर्ट के 5 मई के आदेश के पहले समझौते के तहत वैकल्पिक फ्लैट दे रहा था लेकिन अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी और यथास्थिति कायम रखने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद से बिल्डर वैकल्पिक व्यवस्था से मुकर रहा है।
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पीठ ने उपभोक्ता के तर्क को नकारते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया। जबकि दूसरे उपभोक्ता ने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट ने उसके पक्ष को नहीं सुना था और उसकी ओर से उठाया गया मसला अहम है। इस पर पीठ ने कहा कि अदालत के पास फिलहाल समय कम है, इसलिए अदालत बुधवार को सुनवाई करेगी।
सर्वोच्च अदालत ने 5 मई को दोनों टावरों को गिराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सुपरटेक की याचिका पर यथास्थिति कायम रखने का आदेश जारी किया था।
शीर्षस्थ अदालत ने तमाम पक्षों की याचिकाओं पर विचार करने की सहमति प्रदान करते हुए रियल एस्टेट कंपनी को दोनों भवनों के फ्लैट्स बेचने या स्थानांतरित करने से भी रोक दिया था। इस मामले में बिल्डर की ओर से याचिका दायर किए जाने के बाद उपभोक्ताओं ने भी याचिकाएं दायर की हैं।
हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार कंपनी और नोएडा के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने का भी आदेश दिया था। साथ ही दोनों रिहायशी इमारतों में फ्लैट खरीदने वालों को पूरी रकम 14 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज की दर से चार माह के भीतर लौटाने को कहा है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि सेक्टर 93ए के प्लाट पर निर्मित एपेक्स और सियान का संशोधित प्लान स्वीकृत नहीं करने, दोनों भवनों में अग्निशमन तथा अन्य आवासीय सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।