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आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, फ्लैट आवंटन में देरी की तो अधिकारियों को जेल
Tue, 13 Aug 2019 12:26 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Tue, 13 Aug 2019 12:26 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण को फ्लैटों की बुकिंग का आदेश दिया। कोर्ट ने प्राधिकरण को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आम्रपाली के जितने फ्लैट्स तैयार हो चुके हैं, जल्द से जल्द उनके रजिस्ट्रेशन शुरू करें, इसमें देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही कोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही करने की भी बात कही है।
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बता दें कि इससे पहले एनबीसीसी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आम्रपाली को आवंटित सभी संपत्तियों का ब्योरा मांगा था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को दी है। एनबीसीसी ने खुद से इन परियोजनाओं की ऑडिट पहले ही कर ली थी, लेकिन अब प्राधिकरण से पूरा ब्योरा मांगा है।
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मसलन, कहां पर और कितना एरिया आवंटित है। कौन-कौन सी परियोजनाओं के लिए आम्रपाली ने नक्शा पास कराया है। परियोजनावार प्राधिकरण का कितना पैसा बकाया है। आम्रपाली ने कितनी संपत्ति बेच दी है, उसकी कितनी संपत्ति बची हुई है। क्या खरीदारों की सूची प्राधिकरण में जमा है। ऐसे तमाम ब्योरा तैयार कर प्राधिकरण एनबीसीसी को शीघ्र उपलब्ध कराएगा।
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बता दें, कि आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में 8250 करोड़ रुपये खर्च का आकलन लगा चुका है। इसमें से 4800 करोड़ रुपये आम्रपाली के खरीदारों से ही मिलना है। इसके अलावा अनसोल्ड प्रॉपर्टी से भी काफी रकम मिल जाएगी। इसी के चलते संस्था ने प्राधिकरण से ब्योरा मांगा है। ग्रेटर प्राधिकरण को आम्रपाली के लिए 12 लाख वर्ग मीटर से अधिक की जमीन आवंटित की गई है। ये सभी आवंटन 2010 से पहले के हैं।