सुप्रीम कोर्ट: सुपरटेक के दो टावरों को गिराने के लिए मिली तीन महीने की मोहलत, इस वजह से बढ़ाई गई समयसीमा
नोएडा स्थित एमरल्ड प्रोजेक्ट में 40 मंजिला दो टावरों को गिराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त तक मोहलत दी है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने यह आदेश अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) द्वारा दायर उस आवेदन पर दिया, जिसमें ट्विन टावर को गिराने की 22 मई की समयसीमा को तीन महीने बढ़ाने की मांग की गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए सुपरटेक के नोएडा स्थित एमरल्ड प्रोजेक्ट में 40 मंजिला दो टावरों को गिराने के लिए 28 अगस्त तक की मोहलत दे दी है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने यह आदेश अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) द्वारा दायर उस आवेदन पर दिया, जिसमें ट्विन टावर को गिराने की 22 मई की समयसीमा को तीन महीने बढ़ाने की मांग की गई थी। टावर को गिराने वाली एजेंसी एडिफिस इंजीनियरिंग ने मोहलत मांगी थी।
सुपरटेक की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि परीक्षण विस्फोट के बाद एडिफिस इंजीनियरिंग द्वारा यह पाया गया कि संरचना मजबूत है और उम्मीद से अधिक स्थिर है। न्याय मित्र वकील गौरव अग्रवाल ने भी आवेदन का समर्थन किया और कहा कि यहां तक कि विध्वंस की निगरानी करने वाली एजेंसी केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान ने भी समय सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
पीठ ने दलीलों पर विचार करने के बाद टावरों को गिराने की समय बढ़ाते हुए 28 अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त, 2021 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें भवन मानदंडों के उल्लंघन के लिए सुपरटेक के नोएडा एक्सप्रेस स्थित एमरल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 मंजिलें ट्विन टावर 16 (अपेक्स) और 17 (स्यान) को ढहाने का आदेश दिया गया था।