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सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, पुलिस से पूछा-'क्या चूहे निगल जाते हैं मालखाने में पड़ा हेरोइन'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 30 Aug 2018 07:34 PM IST
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फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सवाल उठाया गया कि पुलिस तो 100 किलो हेरोइन जब्त करती है लेकिन ट्रायल कोर्ट में पहुंचने तक यह पूरी तरह खत्म हो जाता है। शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या चूहे मालखाने में रखा हेरोइन चट कर जाते हैं?
हालांकि अदालत की यह टिप्पणी दिल्ली के विभिन्न थानों में कबाड़ की तरह पड़े वाहनों को हटाने से संबंधित मसले पर सुनवाई के दौरान की गई और हेरोइन का इस मामले से कोई लेना-देना भी नहीं था।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने यह सवाल उठाया। पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि मालखाने में ड्रग्स की तस्करी बाहर से अधिक होती है।
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पीठ ने पिछली सुनवाई में दिल्ली पुलिस को इन वाहनों को हटाने के लिए एक पॉलिसी तैयार करने के लिए कहा था। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने बताया कि इन्हें हटाने को लेकर पॉलिसी बनाने पर विचार चल रहा है।
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हालांकि अदालत की यह टिप्पणी दिल्ली के विभिन्न थानों में कबाड़ की तरह पड़े वाहनों को हटाने से संबंधित मसले पर सुनवाई के दौरान की गई और हेरोइन का इस मामले से कोई लेना-देना भी नहीं था।
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न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने यह सवाल उठाया। पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि मालखाने में ड्रग्स की तस्करी बाहर से अधिक होती है।
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पीठ ने पिछली सुनवाई में दिल्ली पुलिस को इन वाहनों को हटाने के लिए एक पॉलिसी तैयार करने के लिए कहा था। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने बताया कि इन्हें हटाने को लेकर पॉलिसी बनाने पर विचार चल रहा है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ऐसा क्यों नहीं किया जाता है कि दो-महीने के भीतर अगर थानों में पड़े वाहनों के लिए कोई दावा पेश नहीं करता है तो उसे बेच दिया जाए। एक-दो वर्ष बाद अगर कोई दावा करने पहुंचता है तो उसे वे पैसे दे दिए जाएं।
इस पर पिंकी आनंद ने कहा कि इसके लिए अदालत की अनुमति जरूरी है। पुलिस तो महज उसकी निगरानी करती है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में एक ही जिला नाजीर है।
इसकी संख्या बढ़ाने के लिए हमने हाईकोर्ट में आवेदन भी किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने बताया कि इन वाहनों को हटाने के लिए चार हफ्ते में पॉलिसी बना ली जाएगी।
इस पर पिंकी आनंद ने कहा कि इसके लिए अदालत की अनुमति जरूरी है। पुलिस तो महज उसकी निगरानी करती है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में एक ही जिला नाजीर है।
इसकी संख्या बढ़ाने के लिए हमने हाईकोर्ट में आवेदन भी किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने बताया कि इन वाहनों को हटाने के लिए चार हफ्ते में पॉलिसी बना ली जाएगी।
सुनवाई के दौरान पीठ ने जिला अदालतों में कबाड़ की तरह पड़े ट्रंकों के बारे में भी जानना चाहा। इस पर एएसजी ने बताया कि यह हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में है। वहीं, पीठ ने दिल्ली पुलिस से निर्धारित समय में यातायात बाधित करने वाले स्थानों को दुरुस्त करने के लिए कहा है।
पीठ ने कहा कि अगर कोई एजेंसी सहयोग नहीं कर रही है तो दिल्ली पुलिस अदालत में आवेदन कर सकती है। अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी।
पीठ ने कहा कि अगर कोई एजेंसी सहयोग नहीं कर रही है तो दिल्ली पुलिस अदालत में आवेदन कर सकती है। अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी।