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निर्माण स्थलों के प्रदूषण पर क्यों न रोजाना लगे 50 हजार का जुर्माना : SC

Fri, 22 Jan 2016 02:45 PM IST
राजीव सिन्हा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 22 Jan 2016 02:45 PM IST
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supreme court asked to fine construction sites

बदरपुर थर्मल प्लांट को बंद करने की गुहार संबंधी दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन(एनटीपीसी) को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी (ईपीसीए) ने भी इस प्लांट को बंद करने की सिफारिश की है।

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सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्यों न निर्माण स्थलों से निकलने वाले धूल-कण की वजह से होने वाले प्रदूषण पर रोजाना 50 हजार रुपये का जुर्माना किया जाए।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि निर्माण स्थलों से हर दिन धूल-कण निकलते हैं इसलिए हर दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाए। वैसे भी इस तरह के मामले में 50 हजार के जुर्माने का प्रावधान है। इसलिए सरकार को इसका इस्तेमाल करना चाहिए।
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चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर और जस्टिस आर भानुमति की पीठ ने प्रदूषण पर अब तक दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए सरकार से कहा कि आपको जुर्माना करने का अधिकार है तो आप क्यों नहीं इस प्रावधान का इस्तेमाल करते हैं।

आखिरकार लोग प्रदूषण क्यों बर्दाश्त करें। अदालत ने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर महज पर्दा लगा प्रदूषण नहीं रोका जा सकता। पीठ ने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अथॉरिटी से कहा कि वे स्वयंसेवकों के जरिये निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण करें।

'ट्रकों को डायवर्ट करने के लिए क्या किया'
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से यह बताने के लिए कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग(एनएच)-58 और राज्य राजमार्ग (एसएच)- 57 से दिल्ली की ओर आने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों को डायवर्ट करने केआदेश पर क्या कदम उठाए गए।

मालूम हो कि अदालत ने एनएच-58 और एसएच-57 से दिल्ली में उन्हीं भारी व्यावसायिक वाहनों को दाखिल होने का निर्देश दिया है जिनकी मंजिल दिल्ली है। बाकी वाहनों को डायवर्ट करने का निर्देश दिया है।

लोग सीएनजी स्टेशनों की ओर रुख नहीं कर रहे
समीक्षा के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि लोग सीएनजी का रुख नहीं कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि देश में सीएनजी पर्याप्त मात्रा में हैं लेकिन उपलब्ध सीएनजी का 30 फीसदी ही फिलहाल खपत हो रहा है।


केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि 31 मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 104 सीएनजी स्टेशन स्थापित हो जाएंगे। इस पर पहले ही काम शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि एनसीआर के लिए रोजाना 76 लाख किलो सीएनजी उपलब्ध है लेकिन इनमें से करीब 30 फीसदी ही खपत होती है।

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