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द्वारका में सप्लाई हो रहा है गंदा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 19 Apr 2014 09:16 AM IST
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दिल्ली-हरियाणा के बीच पानी का विवाद नहीं निपटने के चलते द्वारका निवासी परेशान हैं। दरअसल, द्वारका में पेयजल आपूर्ति करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड नेे जल शोधक संयंत्र बना रखा है, लेकिन उसे कच्चा पानी नहीं मिल रहा है।
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इस कारण संयंत्र चालू नहीं होने पर द्वारका निवासियों को स्वच्छ पेेयजल की आपूर्ति नहीं मिल रही है। फलस्वरूप द्वारका निवासी दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
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दिल्ली व हरियाणा के बीच 80 एमजीडी कच्चे पानी को लेकर विवाद बना हुआ है। दिल्ली का कहना है कि उसे करीब पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई मुनक नहर से उतना ही पानी दिया जाए जितना उसे पश्चिमी यमुना नहर सेे पानी मिलता है।
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हरियाणा उसके इस तर्क को मान नहीं रहा है। उसका कहना है कि पश्चिमी यमुना नहर वह रिसाव व भाप बनकर उड़नेे वाले पानी की भरपाई करने के लिए 80 एमजीडी अतिरिक्त पानी छोड़ता है। मुनक नहर में न ता रिसाव में पानी बर्बाद होगा और न ही भाप बनकर पानी उड़ेगा। ऐसे में वह 80 एमजीडी अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ेगा।
उधर दिल्ली जल बोर्ड ने इस 80 एमजीडी पानी के भरोसे द्वारका व बवाना इलाके में पेयजल आपूर्ति करने के लिए जल शोधक संयंत्र बना दिए। द्वारका में बना संयंत्र तो कई वर्ष पहलेे बन गया था। जल बोर्ड के अनुसार संयंत्र को पानी नहीं मिलने के चलते उसमें लगी मशीनें खराब होने लगी हैं।
द्वारका निवासी एसबी त्रिपाठी के अनुसार हमारे घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। दिल्ली जल बोर्ड से डीडीए बल्क में ढाई एमजीडी पानी लेता है, लेकिन द्वारका में पांच एमजीडी की डिमांड है। इसके चलते दिल्ली जल बोर्ड से मिलने वाले पानी में डीडीए ट्यूबेवलों का पानी मिलाकर आपूर्ति करता है।
द्वारका सेक्टर-तीन में रह रहे जिले सिंह बेनीवाल नेे बताया कि उन्हें पीने के लिए बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है। जबकि सेक्टर-11 निवासी जोगेंद्र सिंह कहते हैं कि दुकानों पर पर्याप्त बोतलबंद पानी नहीं होने के चलते उन्हें आपूर्ति होने वाला दूषित पानी मजबूरी में पीना पड़ता है।