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सुनपेड़ : राष्ट्रपति व पीएम से की गई थी आगजनी की शिकायत

Mon, 26 Oct 2015 07:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 26 Oct 2015 07:28 PM IST
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Sunped : President and PM had been complaining of arson.

सुनपेड़ गांव में 20 अक्तूबर को ही नहीं, एक साल पहले भी आगजनी और लूटपाट की घटना हो चुकी है। पीड़ितों ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस-प्रशासन से की थी।

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लेकिन इसको किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस की इसी लापरवाही का नतीजा 20 अक्तूबर को दोबारा सामने आया। पीड़ित परिवार की महिलाओं के शिकायत पत्र में इसकी जानकारी मिली।
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पीड़ित जितेंद्र की मां संता देवी और उसकी भाभी गुंजन ने 21 जनवरी 2015 को पुलिस सुविधा केंद्र में शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया था कि दूसरे पक्ष के 13 लोग हाथों में लाठी-डंडे, रॉड आदि लेकर उनके घर में घुस आए और परिवार के लोगों पर जानलेवा हमलाकर जातिसूचक शब्द कहे।
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उनका आरोप है कि दबंगों ने उनके घर में आग लगा दी और वे घर में रखे सामान लूट ले गए। आगजनी के कारण पंचायत का रिकार्ड, रजिस्टर और अन्य सामान जल गया।

उन्होंने सोने-चांदी के गहने और एक लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार की संता और गुंजन ने पुलिस महानिदेशक, निदेशक अनुसूचित जाति जनजाति निदेशालय, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र भेजकर शिकायत की थी, लेकिन उनके पास आज तक कोई जवाब नहीं आया और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई की।

पीड़िता के पति को राष्ट्रपति दे चुकी हैं सम्मान

Sunped : President and PM had been complaining of arson.

गांव के सरपंच रहे जगमाल की पत्नी गुंजन ने बताया कि गांव में विकास कार्य के लिए वर्ष 2010-11 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल उन्हें निर्मल ग्राम पंचायत का पुरस्कार देकर सम्मानित किया था।

वो तस्वीर आज भी जगमाल के कमरे में टंगी हुई है। जगमाल तिहरे हत्याकांड में एक साल से नीमका जेल में बंद हैं।

पूरी शिकायत झूठी है
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आरोपी परिवार की विधवा महिलाएं कविता, बबिता व नीरज का कहना है कि क्रास एफआईआर दर्ज कराने के लिए दलित परिवार ने झूठी शिकायत जगह-जगह भेजी थी।

यदि उनके यहां आगजनी की गई होती तो उसी वक्त पुलिस में शिकायत दी जा सकती थी। घटना के चार महीने बाद शिकायत देना अपने आप में मामले को झूठा साबित करता है।

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