{"_id":"5d48ae438ebc3e6cd666e320","slug":"sunday-book-market-in-darya-ganj-closed-on-the-orders-of-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के आदेश पर दरियागंज से बंद किया गया संडे बुक मार्केट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के आदेश पर दरियागंज से बंद किया गया संडे बुक मार्केट
Tue, 06 Aug 2019 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 06 Aug 2019 04:01 AM IST
विज्ञापन
DELHI HIGH COURT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार को दरियागंज में पटरी पर लगने वाली बुक मार्केट अब आपको नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट के आदेश पर यह बुक मार्केट बंद कर दी गई है। यह बाजार कई दशकों से डिलाइट व गोलचा सिनेमा के बीच लगती थी। यहां बेहद सस्ती कीमत पर हर तरह हर विषय की किताबें मिलती थीं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एक रिपोर्ट पर विचार करने के बाद उक्त आदेश दिया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि दरियागंज का नेताजी सुभाष मार्ग राजधानी के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक है। रविवार के दिन यहां और भी ज्यादा भीड़ हो जाती है।
विज्ञापन
फुटपाथ पर पुस्तक विक्रेताओं के स्टॉल लगाने से वहां जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे पैदल चलने वालों को भी काफी परेशानी होती है। इस रिपोर्ट के दाखिल होने के बाद जुलाई में कोर्ट ने आदेश दिया कि अब साप्ताहिक बुक मार्केट नहीं लगाया जाएगा।
विज्ञापन
उत्तरी दिल्ली नगर पालिका की सिटी सदर-पहाड़गंज जोन की उपायुक्त वेदिता रेड्डी निगम का कहना है कि वह केवल दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश मान रहे हैं। कोर्ट ने नेताजी सुभाष मार्ग को नो-स्क्वेटिंग (बैठना) और नो-हॉकिंग (फेरी लगाना) क्षेत्र घोषित किया है। इसलिए पुस्तक बाजार वहां नहीं लग सकती है।
पुस्तक बाजार में करीब 20 साल से स्टॉल लगाने वाले एक दुकानदार का कहना है कि कोर्ट के इस फैसले से करीब 250 पुस्तक विक्रेताओं को नुकसान हुआ है। यह साप्ताहिक बाजार उनकी आय का जरिया था। अब हम अपना और परिवार का गुजारा कैसे करेंगे।
पुस्तक विक्रेताओं की परेशानी देखते हुए अधिकारियों ने कहा है कि वह बाजार को स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं। उनके अनुसार पुस्तक विक्रेताओं को टाउन वेंडिंग कमेटी के गठन तक रामलीला मैदान में बाजार लगाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया। बाजार को पिछले साल जनवरी में भी कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन करीब पांच सप्ताह बाद यह फिर से शुरू हो गया था।