सुनंदा पुष्कर केस : मौत से पहले सोशल मीडिया पर दिया बयान माना जा सकता है मरने का ऐलान
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट के आधार पर फिर से बताया कि सुनंदा ने मरने से पहले थरूर को एक ईमेल किया था। उसमें लिखा था कि वह मरना चाहती है।
8 जनवरी 2014 को लिखे एक ईमेल में सुनंदा पुष्कर ने लिखा है कि अब वह जीना नहीं चाहती हैं। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट में लिखी एक कविता का भी जिक्र किया जिसे खुद सुनंदा पुष्कर ने अपनी मौत से कुछ दिन पहले ही लिखा था।
पटियाला हाउस कोर्ट अब 5 जून को चार्जशीट पर संज्ञान लेगा। मामले की सुनवाई अब पांच जून को होगी
Sunanda Pushkar death case: Prosecution quotes from the charges-sheet, explains why this case is of abetment to suicide and cruelty, says, "Her statements on social media can be treated as dying declaration. Sunanda's death is due to poisoning."
— ANI (@ANI) May 28, 2018
स्पेशल कोर्ट में होगी सुनंदा पुष्कर मामले की सुनवाई
आपको बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 14 जनवरी को सांसद शशि थरूर के खिलाफ प्रताड़ना व खुदकुशी के लिए विवश करने की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनंदा 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थीं। पिछली सुनवाई में पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने केस को सुनवाई के लिए विशेष अदालत के समक्ष भेजते हुए कहा था चूंकि इस मामले में आरोपी शशि थरूर सांसद हैं। इसलिए इस मामले की सुनवाई विधायक व सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष अदालत के समक्ष ही हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने राजधानी में आरोपी विधायक व सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में दो विशेष अदालत बनाई थीं। इनमें से कोर्ट एसीएमएम समर विशाल व दूसरी कोर्ट विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार की है। इन अदालतों में केस का निबटारा एक साल के भीतर करने का प्रावधान किया गया है।
एसीएमएम समर विशाल के समक्ष सुनंदा के केस की सुनवाई 28 मई को 3 बजे तय की थी। अब यह अदालत ही पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेगी या खारिज करेगी। इसके बाद ही केस आगे की सुनवाई का रास्ता तय होगा। दिल्ली पुलिस ने 14 मई को मामले की करीब चार साल के बाद शशि थरूर के खिलाफ तीन हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
बीते बृहस्पतिवार को पेश मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा नेता सुब्रहमणियम स्वामी भी मौजूद थे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि जब यह मामला संज्ञान लेने के बाद सत्र अदालत में पहुंचेगा तो वह हत्या व साक्ष्य मिटाने की धारा जोड़ने के लिए अर्जी दायर करेंगे।