सुनंदा पुष्कर हत्या केस: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शशि थरूर की अर्जी खारिज की
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दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को सुनंदा पुष्कर हत्या मामले की सुनवाई करते हुए उनकी मौत से पहले उनके ट्वीट को चार्जशीट का हिस्सा बनाने से मना कर दिया है। बता दें कि कोर्ट में शशि थरूर के वकील ने सुनंद पुष्कर के ट्वीट को चार्जशीट का हिस्सा बनाने की मांग की थी।
Sunanda Pushkar death case: Delhi's Rouse Avenue Court dismisses application of Shashi Tharoor to incorporate the tweets of his wife Sunanda Pushkar, before her death. Tharoor's lawyers had sought that tweets by Pushkar, just before her demise, be made a part of the charge sheet.
— ANI (@ANI) January 30, 2020विज्ञापन
गौरलतब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर संदिग्ध परिस्थितियों में छह साल पहले 17 जनवरी, 2014 को होटल लीला के कमरे में मृत पाई गई थीं। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान की पत्रकार मेहर तरार के साथ ट्विटर पर उनकी लड़ाई हुई थी। 16 जनवरी को उन्होंने बेहद सकारात्मक ट्वीट किए थे, जिनसे ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी तरह के दबाव या तनाव में हैं और खुदकुशी कर सकती हैं।
ऑटोप्सी के बाद सुनंदा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उस समय की ऑटोप्सी रिपोर्ट ने संकेत दिया था कि नींद की गोलियों के ओवरडोज के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि रिपोर्ट से यह नहीं पता चला कि उनकी मौत कैसे हुई और यह आत्महत्या थी या नहीं। वहीं उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुनंदा की मौत जहर से हुई और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे बांह, हाथ, पैर आदि पर चोट के 12 निशान थे।
सुनंदा पुष्कर का जन्म एक कश्मीरी पंडित परिवार में 27 जून 1964 को हुआ था। उनके पिता सेना में अधिकारी थे। 1990 में उनका परिवार बोमई से जम्मू आकर बसा था क्योंकि आतंकी हमले के दौरान उनके घर को जला दिया गया था।