{"_id":"69d5318324a1e299a4034550","slug":"sukesh-chandrashekhar-gets-bail-in-money-laundering-case-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-131286-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुकेश चंद्रशेखर को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुकेश चंद्रशेखर को जमानत
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को एआईएडीएमके के दो पत्ती चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपी को पांच लाख रुपये के व्यक्तिगत बाॅन्ड और इतने ही मूल्य के जमानती बाॅन्ड पर राहत दी। हालांकि सुकेश चंद्रशेखर अन्य लंबित मामलों में जेल में ही रहेंगे।
न्यायाधीश गोगने ने कहा कि स्वतंत्रता हमारे संविधान की सबसे पवित्र मूल्य है। अदालत अपने फैसलों में स्वतंत्रता की वकालत तो करती है, लेकिन विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों के बहाने राज्य के साथ मिलकर उसे कुचल नहीं सकती। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध गंभीर है, लेकिन पीएमएलए जैसे विशेष कानून को राज्य का हथियार नहीं बनाया जा सकता, जिससे आरोपी की स्वतंत्रता छीनी जाए। न्यायाधीश ने टिप्पणी की, आरोपी के खिलाफ 31 मामले (वर्तमान सहित) होने के बावजूद इस विशेष मामले में उसे जमानत का अधिकार नहीं छीना जा सकता, क्योंकि उसकी हिरासत की अवधि पीएमएलए की धारा-4 के तहत प्रस्तावित सजा की आधी से अधिक हो चुकी है। खासतौर पर जब वह 31 में से 26 मामलों में पहले से ही जमानत पर है। सुकेश चंद्रशेखर पर एआईएडीएमके के चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को एआईएडीएमके के दो पत्ती चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपी को पांच लाख रुपये के व्यक्तिगत बाॅन्ड और इतने ही मूल्य के जमानती बाॅन्ड पर राहत दी। हालांकि सुकेश चंद्रशेखर अन्य लंबित मामलों में जेल में ही रहेंगे।
न्यायाधीश गोगने ने कहा कि स्वतंत्रता हमारे संविधान की सबसे पवित्र मूल्य है। अदालत अपने फैसलों में स्वतंत्रता की वकालत तो करती है, लेकिन विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों के बहाने राज्य के साथ मिलकर उसे कुचल नहीं सकती। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध गंभीर है, लेकिन पीएमएलए जैसे विशेष कानून को राज्य का हथियार नहीं बनाया जा सकता, जिससे आरोपी की स्वतंत्रता छीनी जाए। न्यायाधीश ने टिप्पणी की, आरोपी के खिलाफ 31 मामले (वर्तमान सहित) होने के बावजूद इस विशेष मामले में उसे जमानत का अधिकार नहीं छीना जा सकता, क्योंकि उसकी हिरासत की अवधि पीएमएलए की धारा-4 के तहत प्रस्तावित सजा की आधी से अधिक हो चुकी है। खासतौर पर जब वह 31 में से 26 मामलों में पहले से ही जमानत पर है। सुकेश चंद्रशेखर पर एआईएडीएमके के चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं।
विज्ञापन