मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले सुदीक्षा भाटी के परिजन, लखनऊ में हुई मुलाकात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी योग्यता के दम पर पौने चार करोड़ की स्कॉलरशिप हासिल करने वाली सुदीक्षा के परिजनों से आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका दर्द जाना। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर सुदीक्षा के माता-पिता व परिजनों से मुलाकात की।
अमेरिका के बॉब्सन कॉलेज में पढ़ने वाली सुदीक्षा की 10 अगस्त को बुलंदशहर के औरंगाबाद में बाइक से गिरकर मौत हो गई थी। मनचलों की हरकत से सुदीक्षा की मौत के आरोप के बाद इस घटना ने तूल पकड़ा था। हालांकि बुलंदशहर पुलिस प्रशासन ने छेड़छाड़ की घटना से इनकार किया था। देश-विदेश में सुदीक्षा के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग उठ रही थी।
इस मुद्दे को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। क्षेत्र के लोगों ने महापंचायत की घोषणा की थी, लेकिन राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र नागर द्वारा मुख्यमंत्री से मदद का आश्वासन मिलने पर महापंचायत को रद्द कर दिया गया था।
दादरी विधायक तेजपाल नागर ने भी मुख्यमंत्री को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए पत्र लिखा था। अब सुरेंद्र नागर के प्रयास से ही परिजन मुख्यमंत्री से मिल पाए हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री परिजनों का दर्द बांटने के बाद आर्थिक मदद के अलावा सुदीक्षा व उसके प्रोजेक्ट उभरती के नाम से कोई शिक्षण संस्थान बनाने, परिजन को नौकरी, भूमि आदि देने संबंधी घोषणा कर सकते हैं।
हालांकि सुदीक्षा के पिता ने कहा था कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता सुदीक्षा के नाम से शिक्षण संस्थान बनाने की है। वह अपनी बेटी की मुहिम को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
बुलंदशहर प्रशासन ने 1.5 लाख का चेक सौंपा
बुलंदशहर के जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी सुदीक्षा के परिजनों की आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था। शनिवार को एडीएम प्रशासन बुलंदशहर रविंद्र कुमार ने 1.5 लाख रुपये का चेक परिजनों को सौंपा। परिजनों के लखनऊ जाने के लिए एक कार की व्यवस्था भी कराई थी।
घटनाक्रम
10 अगस्त : औरंगाबाद क्षेत्र में बाइक से गिरकर सुदीक्षा की मौत।
11 अगस्त : परिजनों ने आरोप लगाया कि मनचलों की हरकत से बेटी की जान गई।
12 अगस्त : कैंडल मार्च और सोशल मीडिया पर अभियान चला।
16 अगस्त : डीएम-एसएसपी बुलंदशहर ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रेसवार्ता की।
21 अगस्त : क्षेत्र के लोगों ने महापंचायत की घोषणा की।
25 अगस्त : सांसद सुरेंद्र नागर के आश्वासन के बाद प्रस्तावित महापंचायत रद्द।