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दिल्ली का बढ़ता प्रदूषण छीन रहा है आपकी जिंदगी के 6 साल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:53 PM IST
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- फोटो : Getty
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क्या आप जानते हैं कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की वजह से आप अपनी जिंदगी के 6.4 साल गंवा देते हैं? इस मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है। यह हम नहीं कह रहे, ये बात इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (आईआईटीएम) द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आई है।
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आईआईटीएम और और नेशनल सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च (एनसीएआर) कोलराडो के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए संयुक्त अध्ययन में यह बात सामने आई है कि दिल्ली की हवा बेहद प्रदूषित है, जिससे यहां रहने वाले अपनी औसत आयु से करीब 6 साल कम जीते हैं। यही वजह है कि यहां की हवा को स्वस्थ बनाने की आवश्यकता है।
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यह अध्ययन 2011 में एकत्र किए गए डाटा पर आधारित है। जो दिखाता है कि प्रदूषित वायु असमय मौत का कारण बनती है। हालांकि आईआईटीएम के वैज्ञानिक सचिन का कहना है कि इस अध्ययन में डब्ल्यूएचओ, ग्लोबल बर्डन ऑफ डीसीज आदि के अध्ययन पर भी आधारित है और ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे वास्तव में यह पता लगाया जा सके कि कौन वायु प्रदूषण से मरा है।
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इस अध्ययन में पश्चिम बंगाल में 9% और बिहार में 8 प्रतिशत लोग वायु में पीएम 2.5 के कारण मरते हैं। इसके साथ ही जिन अन्य राज्यों में पीएम 2.5 की वजह से ज्यादा मौते होती हैं उनमें आंध्रा प्रदेश, तमिलनाडू, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान हैं।
इस रिसर्च में ओजोन के हानिकारक प्रभाव से मरने वाले लोगों पर भी अध्ययन किया गया है। इसमें महाराष्ट्र 7प्रतिशत के साथ चौथे नंबर है वहीं यूपी में 18 प्रतिशत लोग, बिहार में 11 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 9.5 प्रतिशत लोग मरते हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार पीएम 2.5 ज्यादातर गाड़ियों से ही निकलता है।