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Delhi NCR News: साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे विद्यार्थी
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सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रोग्राम चलाने के लिए निजी एजेंसी को अनुमती
बच्चों को जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा वर्कशॉप और ओलंपियाड का होगा आयोजन
शिक्षा निदेशालय ने लर्निंग लिंक फाउंडेशन को डैल टेक्नॉलॉजी के सहयोग से यह प्रोग्राम 30 स्कूलों में चलाने की दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साइबर अपराध की घटनाएं लगातार तेजी से बढ़ रही हैं। हर वर्ग साइबर अपराध का शिकार बन रहा है। इसलिए साइबर सुरक्षा बहुत जरूरी हो गई है। ऐसे में साइबर सुरक्षा के प्रति सरकारी स्कूल के बच्चों को जागरूक करने की दिशा में शिक्षा निदेशालय ने कदम बढ़ाया है। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने लर्निंग लिंक फाउंडेशन को डैल टेक्नॉलॉजी के सहयोग से साइबर सुरक्षा पर एक प्रोग्राम 30 सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में चलाने की अनुमति दी है।
लर्निंग लिंक फाउंडेशन ने अपने ई-ज्ञान शक्ति प्रोग्राम के तहत स्कूलों में बच्चों को साइबर सुरक्षा के विषय में जानकारी देने के लिए इस प्रोग्राम को करने का प्रस्ताव दिया था। जिसे निदेशालय ने कई शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है। इस प्रोग्राम के तहत साइबर सुरक्षा वर्कशॉप और ओलंपियाड बच्चों के लिए आयोजित किए जाएंगे। जिससे कि इससे होने वाले खतरों के बचाव के संबंध में बच्चों को पता चल सके। अनुमति पूरी तरह से अंतरिम है, यदि यह प्रोग्राम राष्ट्रीय हित के विरुद्ध पाया जाता है या निदेशालय के कामकाज में बाधा आती है तो इस अनुमति को किसी भी समय वापस लिया जा सकता है।
इससे पहले निदेशालय स्कूलों को साइबर अपराध के प्रति बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दे चुका है। इस प्रोग्राम को चलाने के लिए स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कार्यक्रम नामित शिक्षकों की सख्त निगरानी में चलाया जाए। शिक्षा निदेशालय ने इस प्रोग्राम को अनुमति देते हुए स्पष्ट किया है कि इस प्रोग्राम के कारण स्कूलों के कामकाज में बाधा नहीं आनी चाहिए। वहीं, शिक्षा निदेशालय, स्कूल या छात्र की ओर से इस प्रोग्राम के लिए संबंधित संगठन को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। इस प्रोग्राम के निष्कर्षों को शिक्षा निदेशालय के साथ साझा भी किया जाएगा।
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बच्चों को जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा वर्कशॉप और ओलंपियाड का होगा आयोजन
शिक्षा निदेशालय ने लर्निंग लिंक फाउंडेशन को डैल टेक्नॉलॉजी के सहयोग से यह प्रोग्राम 30 स्कूलों में चलाने की दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साइबर अपराध की घटनाएं लगातार तेजी से बढ़ रही हैं। हर वर्ग साइबर अपराध का शिकार बन रहा है। इसलिए साइबर सुरक्षा बहुत जरूरी हो गई है। ऐसे में साइबर सुरक्षा के प्रति सरकारी स्कूल के बच्चों को जागरूक करने की दिशा में शिक्षा निदेशालय ने कदम बढ़ाया है। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने लर्निंग लिंक फाउंडेशन को डैल टेक्नॉलॉजी के सहयोग से साइबर सुरक्षा पर एक प्रोग्राम 30 सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में चलाने की अनुमति दी है।
लर्निंग लिंक फाउंडेशन ने अपने ई-ज्ञान शक्ति प्रोग्राम के तहत स्कूलों में बच्चों को साइबर सुरक्षा के विषय में जानकारी देने के लिए इस प्रोग्राम को करने का प्रस्ताव दिया था। जिसे निदेशालय ने कई शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है। इस प्रोग्राम के तहत साइबर सुरक्षा वर्कशॉप और ओलंपियाड बच्चों के लिए आयोजित किए जाएंगे। जिससे कि इससे होने वाले खतरों के बचाव के संबंध में बच्चों को पता चल सके। अनुमति पूरी तरह से अंतरिम है, यदि यह प्रोग्राम राष्ट्रीय हित के विरुद्ध पाया जाता है या निदेशालय के कामकाज में बाधा आती है तो इस अनुमति को किसी भी समय वापस लिया जा सकता है।
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इससे पहले निदेशालय स्कूलों को साइबर अपराध के प्रति बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दे चुका है। इस प्रोग्राम को चलाने के लिए स्कूल प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये कार्यक्रम नामित शिक्षकों की सख्त निगरानी में चलाया जाए। शिक्षा निदेशालय ने इस प्रोग्राम को अनुमति देते हुए स्पष्ट किया है कि इस प्रोग्राम के कारण स्कूलों के कामकाज में बाधा नहीं आनी चाहिए। वहीं, शिक्षा निदेशालय, स्कूल या छात्र की ओर से इस प्रोग्राम के लिए संबंधित संगठन को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। इस प्रोग्राम के निष्कर्षों को शिक्षा निदेशालय के साथ साझा भी किया जाएगा।
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