स्कूल की कैंटीन में खाना खाने से 60 बच्चे बीमार
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डीएलएफ फेज-1 के शिव नादर स्कूल में दोपहर के वक्त कैंटीन का खाना खाने के बाद 60 बच्चे बीमार पड़ गए। उनके परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
सभी बच्चे अब स्वस्थ्य हैं। इस बारे में अभिभावकों द्वारा स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जिला प्रशासन से शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पहली नजर में इसे स्कूल प्रबंधन की लापरवाही माना जा रहा है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को सुबह का नाश्ता और दोपहर का खाना दिया जाता है। स्कूल ने बच्चों को भोजन कराने की जिम्मेवारी कैटरमैन प्राइवेट लिमिटेड को दी हुई है।
बुधवार दोपहर के खाने में बच्चों को कैटरमैन के सेफ द्वारा स्कूल कैंटीन में तैयार दाल, सब्जी, रोटी और चावल दिए गए थे। खाना खाने के बाद बच्चे जब स्कूल से घर पहुंचे तो अधिकांश ने अपने परिजनों से उल्टी-दस्त की शिकायत की।
पहली से छठी तक पढ़ने वाले ऐसे बच्चों की संख्या 60 है। कई अभिभावकों को अपने बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। स्कूल प्रबंधक का दावा है कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं। उधर अभिभावकों ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी।
अभिभावकों के एक वाट्सऐप ग्रुप में यह मामला चलने के बाद छात्रों के बीमार पड़ने की खबर फैल गई। इसके बाद अभिभावकों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। स्कूल को भी ई-मेल से सूचित किया गया। जिला प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी ऑफिसर टीम के साथ स्कूल पहुंचे और कैंटीन से छह सैंपल लिए। इनमें आटा, दाल, सॉस, दही सहित अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल शामिल हैं।
जिला फूड सेफ्टी ऑफिसर डीके शर्मा ने बताया कि सभी सामग्री जांच के लिए करनाल के सरकारी लैब में भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में स्कूल के एडमिन एंड ऑपरेशन हेड कर्नल अनिल कुमार सूरी ने बताया कि बच्चों को खाने की जांच के लिए फूड कमेटी बनाई हुई है। इस तरह की घटना की खबर से स्कूल भी हैरान है।