प्रिसिंपल के खिलाफ सड़क पर दिखा छात्राओं 'दुर्गारूप'
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नवरात्रों के दौरान महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) की तरफ से जारी दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम ने शनिवार को हंगामा खड़ा कर दिया। सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज में सैंकड़ों छात्राओं के एक साथ फेल कर दिए जाने से गुस्साई छात्राओं ने सड़क जाम कर दिया।
छात्राओं के हंगामे के बाद प्रशासन, पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद किसी तरह छात्राओं को आश्वासन देकर शांत किया गया।
सेक्टर-14 गर्वमेंट गर्ल्स कॉलेज में सुबह कॉलेज खुलने के बाद छात्राओं का गुस्सा बढ़ने लगा। दो दिन पहले आए परिणाम में साइंस, आर्ट्स ऑनर्स के लगभग सभी विषयों में 700 से ज्यादा छात्राओं को फेल कर दिए जाने की सूचना के बाद छात्राओं ने इकट्ठा होकर कॉलेज के सामने एमजी रोड को जाम कर दिया।
नवरात्र का व्रत होने के बावजूद भरी धूप में छात्राएं कॉलेज के सामने डटी रही। जिसका नतीजा रहा कि पीक आवर्स में शहर की व्यस्तम रोड पर छात्राओं के कब्जा कर लेने के बाद ट्रैफिक की स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी।
करीब दो घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के आश्वासन के बाद छात्राओं ने कमेटी गठित कर मीटिंग की। जिसमें कॉलेज प्रबंधन ने सोमवार तक यूनिवर्सिटी स्तर पर उनके रिजल्ट की जांच का आश्वासन देकर शांत किया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुआ वायरल
यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में बीएससी नॉन मेडिकल, बीएससी नॉन मेडिकल, बीए, बीएससी मैथ्स ऑनर्स, फिजिक्स ऑनर्स, कैमिस्ट्री ऑनर्स, पॉलीटिकल साइंस ऑनर्स के अधिकतर सब्जेक्ट्स में कॉलेज की 700 से ज्यादा छात्राओं को फेल कर दिया गया। जिसमें छात्राओ को या तो जीरो (शून्य)नंबर दिया गया। इसके अलावा कई सब्जेक्ट्स में नंबर ही नहीं दिए गए। जिससे छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
गर्ल्स कॉलेज में हुए हंगामे के एक घंटे बाद ही पूरा मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। व्हाट्स एप और फेसबुक, टवीट्र और हाइक मैसेंजर पर छात्राओं ने कॉलेज में हुए हंगामे का वीडियो शेयर कर दिया। जिसके बाद काफी तादाद में लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई। उसमें बकायदा छात्राओं पर कॉलेज स्टाफ द्वारा की गई बदसलूकी का भी विडियो अपलोड किया गया है।
नेताजी भी पहुंचे मुद्दा भुनाने
चुनावों के दौर में हजारों की तादाद में सड़क पर उतरी छात्राओं के हंगामे को राजनैतिक रूप देने की भी कोशिश की गई। कॉलेज के सामने हंगामे की सूचना मिलते ही गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे एक नेता भी अपने कई समर्थकों के साथ भीड़ का हिस्सा बन गए।
इतना ही नहीं, उन्होंने छात्राओं को प्रदर्शन करने के लिए उकसाने के साथ उन्हें पानी की बोतलें भी बंटवाई। लेकिन, हजारों की संख्या में लड़कियों के बीच युवक को देखकर एक महिला पुलिसकर्मी समझ नहीं पाई और उसने उसने उल्टा नेता को ही धमका दिया। छात्राओं ने भी नेताजी को ज्यादा लिफ्ट नहीं दी। बात बनती न देख नेताजी उल्टे पांव लौट गए।
छात्राओं ने लगाए प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप
-प्रिंसिपल छात्राओं के कपड़े पर गलत कमेंट करती है। उनके बाल तक पकड़कर जलील करती है।
-कॉलेज में कैपरी या शॉर्ट स्कर्ट पहनकर आने पर उनसे 500 रुपये तक जुर्माना वसूला गया है। जबकि कॉलेज की महिला स्टाफ की ड्रेस को लेकर कोई नियम कायदे नहीं है।
-छात्राओं की कोई भी परेशानी होने पर भी प्रिंसिपल उनसे मिलती नहीं। शिकायत करने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर उन्हें बेइज्जत करती है।
-सेशन खत्म होने को है लेकिन, छात्राओं का अबतक आई कार्ड तक नहीं बना है। उनकी किताबे तक इश्यू नहीं हो पा रही।
-हॉस्टल में भी खाने की क्वालिटी सही नहीं है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
इस तरह चला पूरा घटनाक्रम
सुबह 8.45 बजे : दूसरे सेमेस्टर में छात्राओं के फेल होने की बात सामने आने के बाद छात्राओं का गुस्सा बढ़ गया।
सुबह 9.00 बजे: गुस्साई सैंकड़ों छात्राएं कॉलेज परिसर में इकट्ठा हो गई। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हड़ताल कर दी।
सुबह 9.10 बजे : छात्राओं को शांत करने की बजाय कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें धमकाने लगे। कई छात्राओं को पकड़कर फेंका। जिससे छात्राएं भड़क गई और सड़क पर उतर आई।
सुबह 9.15 बजे: गर्ल्स कॉलेज के सामने गुस्साई छात्राओं ने रोड जाम कर दिया। जिसके बाद थोड़ी ही देर में पूरा रास्ता ब्लॉक हो गया।
सुबह 9.30 बजे: छात्राओं के हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जिसमें लेडीज पुलिस स्टाफ ने छात्राओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया।
सुबह 10.00 बजे: कॉलेज के अंदर और बाहर हजारों की तादाद में छात्राएं इकट्ठी हो गई। छात्राओं ने प्रिंसिपल को बुलाने की मांग की। कॉलेज स्टाफ के आश्वासन के बावजूद छात्राएं नहीं मानी।
सुबह 11.00 बजे: कॉलेज स्टाफ ने छात्राओं को कॉलेज के भीतर आकर बातचीत करने की गुजारिश की। 15 मिनट तक चली आपाधापी के बाद छात्राओं ने जाम खोल दिया।
सुबह 11.15 बजे: तहसीलदार ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे उन्होंने गुजारिश की। छात्राओं की 12 सदस्यीय कमेटी बनाकर बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद छात्राएं शांत हुई।
सुबह 12.30 बजे: प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के साथ हुई मीटिंग के बाद उन्हें सोमवार को एमडीयू ले जाकर उनकी परेशानी दूर करने का आश्वासन दिया।