दिल्ली हिंसाः दहशत व तनाव के बीच बच्चों ने दी बोर्ड परीक्षा, छात्रों ने बताया कठिन था पेपर
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में सोमवार को 12वीं बोर्ड की भौतिकी की परीक्षा छात्रों ने पुलिस की मौजूदगी में दी। हालांकि, तनावपूर्ण माहौल के बीच छात्रों के चेहरों पर भी तनाव व दहशत साफ देखी जा सकती थी। वहीं, छात्रों को सुरक्षा का एहसास कराने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें फूल देकर हिम्मत देने का प्रयास किया।
हिंसा के कारण हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि बोर्ड परीक्षा पर इसका प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए पुलिस परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी। हिंसाग्रस्त यमुना विहार स्थित विक्टोरिया स्कूल में 12वीं बोर्ड परीक्षा का केंद्र था। ऐसे में परीक्षा केंद्र पर परीक्षा समाप्त होनेे तक अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे। पिछले सप्ताह सोमवार को उपद्रवियों ने परीक्षा के दौरान स्कूल पर पथराव किया था और उसकी बस को आग के हवाले कर दिया था।
वहीं, माहौल को देखते हुए छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे। करावल नगर से बेटी खुशी को परीक्षा दिलाने पहुंची मीना चौबे ने कहा कि गत दिनों से यहां तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस वजह से घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा था। वहीं, कोर्ट द्वारा पुलिस को सुरक्षा के आदेश देने के बाद थोड़ा भरोसा हुआ। गौतमपुरी से आए इरशाद ने कहा कि हिंसा से बिटिया सहम गई है। यही कारण है कि वह ठीक से पढ़ाई नहीं कर सकी। हिंसा के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है।
छात्रों ने कहा कठिन पेपर ने और बढ़ाया तनाव
12वीं कक्षा के भौतिकी की परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने कहा कि पेपर बहुत ही बड़ा व कठिन बनाया गया था। इस वजह से परीक्षा में और तनाव हुआ। वहीं, हिंसाग्रस्त इलाकों से आने वाले छात्रों ने कहा कि हिंसा के कारण ठीक तरह से पढ़ाई नहीं हो सकी। इस कारण पेपर भी ज्यादा अच्छा नहीं हुआ है।
छात्रों की प्रतिक्रियाएं
हिंसा के कारण पढ़ाई पर अधिक प्रभाव पड़ा है। घर के बाहर ही हिंसा हो रही थी। इस कारण पढ़ाई भी अच्छी तरह से नहीं हो पाई। तनाव के कारण सिर्फ 70 फीसदी ही तैयारी हो पाई थी। जब भी पढ़ाई करने बैठती थी तो वही खौफनाक मंजर जहन में होता था। वहीं, पेपर भी बहुत मुश्किल व बड़ा था।
-वंशिका, मौजपुर
-कंचन, चांदबाग
जिस प्रकार से तैयारी की थी, वैसा पेपर नहीं हुआ है। हालांकि, अपनी ओर से बेहतर पेपर किया है। कुछ सवालों ने अधिक देर तक उलझा कर रखा। इस वजह से अन्य सवालों पर कम समय दे सकी। उम्मीद है कि अच्छे अंक प्राप्त हो सके।
-जोया, गौतमपुरी
पुलिस की तैनाती के बीच अपनी सुरक्षा का भरोसा हुआ। पेपर ठीक हुआ है, लेकिन हिंसा के कारण मानसिक तनाव और बढ़ा है। मन में डर बना हुआ था कि फिर हिंसा न हो जाए। इस वजह से आज भी डर-डर कर घर से निकली हूं।
-इल्मा, गौतमपुरी