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JNU: जांच समिति का आदेश मानने से छात्रसंघ का इंकार, कन्हैया ने कहा नहीं भरेंगे जुर्माना

Tue, 26 Apr 2016 09:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 26 Apr 2016 09:53 PM IST
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Student's denied to obey the order of the inquiry committee, Kanhaiya said we will not give penalty
जेएनयू छात्रसंघ का प्रदर्शन - फोटो : व‌िवेक न‌िगम

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष और देशद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा देशविरोधी नारे मामले में दी सजा को मानने से इनकार कर दिया है। कन्हैया ने कहा कि जेएनयू मामले को किसी भी सूरत में रोहित वेमूला मामला नहीं बनने देंगे।

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जैसा हैदराबाद यूनिवर्सिटी में हुआ, ठीक वैसे ही जेएनयू में जांच कमेटी ने केंद्र सरकार के आदेश पर फैसला सुना दिया। कन्हैया ने विवि की जांच समिति को खारिज करते हुए उनके निर्देश के तहत तय जुर्माना राशि नहीं भरने का भी ऐलान किया है।
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छात्रसंघ ने विवि द्वारा भेजे गए नोटिस की प्रति जलाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की साथ ही बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला करते हुए फैसले के विरोध में देशव्यापी अभियान की चेतावनी भी दी है।

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कन्हैया ने कहा कि उच्च स्तरीय कमेटी जातिवादी है

Student's denied to obey the order of the inquiry committee, Kanhaiya said we will not give penalty
जेएनयू में प्रदर्शन - फोटो : व‌िवेक न‌िगम

विश्वविद्यालय  कैंपस स्थित ऐड ब्लॉक पर मंगलवार को छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी पर सवाल खड़े करते हुए कमेटी द्वारा भेजे गए आदेश को मानने से इनकार कर दिया।

कन्हैया ने कहा कि उच्च स्तरीय कमेटी जातिवादी है। हमें इसकी रिपोर्ट और एक्शन को मानने की कोई जरूरत नहीं है। कन्हैया ने एक कार्टून भी ट्वीट किया है, जिसके माध्यम से कमेटी पर निशाना साधा गया है।

कन्हैया ने कहा कि जांच के दौरान उमर खालिद और अनिर्बान जेल में थे। इसलिए उन दोनों ने अपना पक्ष रखा ही नहीं है। बिना उनकी बात सुने कैसे फैसला लिया जा सकता है। कमेटी अलोकतांत्रिक तरीके से बनाई गई थी।

प्रशासन के फैसले के खिलाफ भूख हड़ताल

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जेएनयू छात्रसंघ का प्रदर्शन - फोटो : व‌िवेक न‌िगम

कन्हैया ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, नारेबाजी बाहरी लोगों ने की थी। इसलिए नारेबाजी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कैसे की जा सकती है। फैसले के विरोध में बुधवार से छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाएंगे और गंगा ढाबा से प्रशासनिक भवन तक मार्च निकाला जाएगा।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधते हुए कन्हैया ने कहा कि यूनिवर्सिटी किसी के इशारे पर नहीं चलेगी। छात्रों का आंदोलन छुट्टियों में भी जारी रहेगा। कोई भी फैसला करने से पहले विवि को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। कन्हैया ने कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार पर सवाल किया कि यदि यूनिवर्सिटी खुद को स्वतंत्र मानती है तो कैंपस में पुलिस के आने से पहले ही कार्रवाई होनी चाहिए थी।

कन्हैया का ट्वीट : जेएनयूएसयू हास्यास्पद समिति के आधार पर प्रशासन की ओर से दंड दिए जाने को खारिज करता है। अपने खिलाफ फैसले को अस्वीकार्य करार देते हुए अनिर्बान और उमर ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की कार्रवाई आरएसएस की शह पर परेशान करने वाली है।

देशद्रोह और देशभक्ति पर एक ही सजा अन्याय : सौरभ शर्मा

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जेएनयू छात्रसंघ का प्रदर्शन - फोटो : व‌िवेक न‌िगम

जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव व एबीवीपी के पदाधिकारी सौरभ शर्मा ने कहा है कि देशद्रोहियों और देशभक्तों पर एक ही सजा सरासर अन्याय है। हम इसका विरोध करते हैं। जेएनयू प्रशासन के पास सारे सबूत होने के बाद भी जेएनयू शिक्षक यूनियन के दबाव में आकर सजा नहीं बल्कि समझौता किया गया है।

सौरभ ने अपनी मांग को पूरा करने के लिए विवि प्रबंधन को बुधवार सुबह तक का समय दिया है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। छात्रसंघ संयुक्त सचिव सौरभ के मुताबिक, मंगलवार को पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कुलपति प्रो. एम जगदीश से मिला।

सौरभ ने बताया कि मैंने कुलपति से सवाल किया कि आखिर मुझ पर दस हजार रुपये का जुर्माना किस आधार पर लगाया गया है, जबकि मैंने ही विश्वविद्यालय प्रबंधन को देशविरोधी नारे लगाने से लेकर कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी दी थी। कमेटी ने देशविरोधी नारे लगाने वाले छात्रों की तर्ज पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जो कि बिल्कुल गलत है।

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