{"_id":"015da8cfef281e42935571a3ff904af3","slug":"student-commited-suicide-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैरेंट्स मीट में मार्क्स पर चर्चा, बेटे ने की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैरेंट्स मीट में मार्क्स पर चर्चा, बेटे ने की आत्महत्या
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 02 Feb 2014 10:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एग्जाम में कम मार्क्स आने से परेशान 7वीं क्लास के छात्र कुलदीप ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसका शव विजयनगर केसैन विहार में कमरे में छत के पंखे पर लटका मिला।
विज्ञापन
घटना के समय घर पर परिजन नहीं थे। बड़ी बहन के कालेज से घर लौटने पर आत्महत्या का पता चला। सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार को स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग थी, जिसमें उसके कम नंबरों का जिक्र किया गया था। दोपहर ढाई बजे स्कूल से लौटने पर उसने यह कदम उठाया।
विज्ञापन
एसओ हरदयाल यादव ने बताया कि सैन विहार की गली नंबर एक में कुलदीप परिवार के साथ रहता था। वह विजयनगर के ही एपीएन स्कूल का छात्र था। पिता मनमोहन का क्लीनिक है। मां मोना देवी नोेएडा स्थित निजी कंपनी में कार्यरत हैं। शनिवार को स्कूल में पेरेंटस मीटिंग थी। कुलदीप केपिता मीटिंग में गए थे।
विज्ञापन
दोपहर करीब ढाई बजे मीटिंग से लौटने पर मनमोहन क्लीनिक पर चले गए और कुलदीप को घर पर भेज दिया। कुलदीप ने कमरे के दरवाजे को अंदर से बंद कर टेबल और बाल्टी की मदद से पंखे पर चुनरी का फंदा लगाकर लटक गया।
शाम करीब चार बजे कालेज से घर पहुंची बड़ी बहन कंचन ने बताया कि उसने कुलदीप को आवाज लगाई। कमरा बंद था। खिड़की से देखा तो वह पंखे से लटका था। लोगों की मदद से शव उतारकर उसे कोलंबिया एशिया अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
धैर्य खो रहे बच्चे
वर्तमान दौर की प्रतिस्पर्धा में बच्चों पर अच्छे नंबर लाने का काफी दबाव है। प्रतियोगिता में पिछड़ जाने का दबाव बच्चों के दिमाग में बचपन से पनपने लगा है, जिसकी वजह से कम उम्र में ही बच्चे इतना घातक कदम उठा लेते हैं। मनोचिकित्सक संजीव त्यागी