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‘स्ट्रक्चर लाइनिंग’ तकनीक से रिपेयर होगी गंगाजल लाइन

Mon, 01 Sep 2014 01:05 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 01 Sep 2014 01:05 AM IST
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Structure lining technique will repair holy water line

मुरादनगर से दिल्ली तक गंगाजल पहुंचाने वाली जर्जर पाइप लाइन की रिपेयरिंग अब विदेशी तकनीक ‘स्ट्रक्चर लाइनिंग’ से होगी। जल निगम ने प्रस्ताव तैयार दिल्ली जल बोर्ड को भेज दिया है।

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इस तकनीक से रिपेयरिंग के बाद जर्जर लाइन की उम्र करीब 40 से 45 साल बढ़ जाएगी। इस महंगी तकनीक को इस्तेमाल करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को बजट भी 520 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
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जल बोर्ड से सहमति मिली तो पाइप लाइन की मेंटीनेंस गाजियाबाद जल निगम की दिल्ली जल संपूर्ति इकाई करेगी। 26 किलोमीटर लंबी यह पाइप लाइन करीब 32 साल पहले बिछाई गई थी।
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200 क्यूसेक क्षमता वाली इस पाइप लाइन की उम्र पूरी हो चुकी है और अब अंदर से भी कई जगह से बेहद कमजोर हो चुकी है।

इसका रखरखाव करने वाले गाजियाबाद जल निगम ने बीते साल रुड़की आईआईटी और बल्लभगढ़ एनसीसीबी (नेशनल काउंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मेटीरियल) संस्थान के इंजीनियरों ने जांच की थी।

अप्रैल 2014 में जल निगम ने एनसीसीबी की रिपोर्ट दिल्ली जल बोर्ड को भेजी थी। रिपोर्ट में लाइन की तत्काल रिपेयरिंग का सुझाव दिया गया था। इसकी फाइबर रैपिंग का सुझाव भेजा गया था।


जल निगम ने इस पर एक आपत्ति लगाई थी। अब जल निगम ने विदेशी तकनीक ‘स्ट्रक्चर लाइनिंग’ का सुझाव भेजा है। इस तकनीक के जरिए पूरी पाइप लाइन के पॉली यूरीथिन की विशेष तरह की कोटिंग की जाएगी। लाइन की रिपेयरिंग पर प्रति किलोमीटर 2 लाख रुपये खर्च होंगे।


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