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Delhi NCR News: प्रदूषण पर प्रहार, डीयू में देश के पहले कार्बन गार्डन की शुरुआत
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डीयू के कुलपति ने गार्डन में लगाया कल्पवृक्ष
प्रदूषण रोकना जरूरी नहीं तो दिल्ली बन सकती है प्रदूषण की राजधानी : कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय ने भारत के पहले कार्बन गार्डन की शुरुआत की है। बृहस्पतिवार को डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इसका उद्घाटन किया और गार्डन में कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। इस मौके पर कुलपति ने चेताया कि यदि प्रदूषण रोकने के लिए समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली जल्द ही प्रदूषण की राजधानी बन सकती है।
प्रो. सिंह ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल तकनीक के सहारे नहीं किया जा सकता। इसके लिए ऐसे स्थायी प्रयास जरूरी हैं, जो लंबे समय तक पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करें। कार्बन गार्डन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कुलपति ने डीयू के सभी विभागों और कॉलेजों में इस तरह के कार्बन गार्डन विकसित करने का आह्वान किया।
वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख और कार्बन गार्डन के संस्थापक प्रो. दीनबंधु साहू ने बताया कि यह गार्डन बढ़ते वायु और मिट्टी प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सीमित क्षेत्र में विकसित होने के बावजूद यह गार्डन शहरी क्षेत्र में जैव विविधता को बढ़ावा देने का काम करेगा। मालूम हो कि डीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से विभाग के सामने स्थित लॉन में करीब 2000 वर्ग फुट क्षेत्र में यह कार्बन गार्डन विकसित किया गया है। इसमें अलग-अलग पौधों की करीब 50 प्रजातियां लगाई गईं हैं। इनमें जड़ी-बूटियां, झाड़ियां और पेड़ शामिल हैं।
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प्रदूषण रोकना जरूरी नहीं तो दिल्ली बन सकती है प्रदूषण की राजधानी : कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय ने भारत के पहले कार्बन गार्डन की शुरुआत की है। बृहस्पतिवार को डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इसका उद्घाटन किया और गार्डन में कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। इस मौके पर कुलपति ने चेताया कि यदि प्रदूषण रोकने के लिए समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली जल्द ही प्रदूषण की राजधानी बन सकती है।
प्रो. सिंह ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल तकनीक के सहारे नहीं किया जा सकता। इसके लिए ऐसे स्थायी प्रयास जरूरी हैं, जो लंबे समय तक पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करें। कार्बन गार्डन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कुलपति ने डीयू के सभी विभागों और कॉलेजों में इस तरह के कार्बन गार्डन विकसित करने का आह्वान किया।
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वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख और कार्बन गार्डन के संस्थापक प्रो. दीनबंधु साहू ने बताया कि यह गार्डन बढ़ते वायु और मिट्टी प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि सीमित क्षेत्र में विकसित होने के बावजूद यह गार्डन शहरी क्षेत्र में जैव विविधता को बढ़ावा देने का काम करेगा। मालूम हो कि डीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से विभाग के सामने स्थित लॉन में करीब 2000 वर्ग फुट क्षेत्र में यह कार्बन गार्डन विकसित किया गया है। इसमें अलग-अलग पौधों की करीब 50 प्रजातियां लगाई गईं हैं। इनमें जड़ी-बूटियां, झाड़ियां और पेड़ शामिल हैं।
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