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बंगाल में डॉक्टरों के समर्थन में आज दिल्ली में भी हड़ताल, एम्स-सफदरजंग में ओपीडी सेवा रहेगी बंद

Fri, 14 Jun 2019 04:51 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 14 Jun 2019 04:51 AM IST
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Strike of doctors today in Delhi in support of Bengal doctors
एम्स के डॉक्टरों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों पर हमले से देशभर के डॉक्टरों में रोष है। दिल्ली एम्स सहित देश भर के सरकारी और निजी डॉक्टरों से शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई है। इसके बाद दिल्ली एम्स के आरडीए ने दिनभर हड़ताल पर रखने की घोषणा की है। इससे ओपीडी के अलावा आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होंगी। वहीं, रायपुर एम्स ने भी गुरुवार शाम को हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की। 

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने राष्ट्रीय राजधानी में स्थित निजी और सरकारी अस्पताल, क्लिनिक व नर्सिंग होम को पत्र लिखकर देश व्यापी मेडिकल बंद को समर्थन करने की अपील की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष और दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सचिव डॉ. गिरीश त्यागी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ चुकी हैं। एक डॉक्टर कम संसाधनों के साथ 15 से 16 घंटे अस्पताल में बैठ 300 से 500 मरीजों तक का उपचार करता है, लेकिन डॉक्टर को मारपीट का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों पर हुआ हमला चिकित्सीय क्षेत्र के लिए चिंताजनक है। 
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वहीं, एम्स आरडीए के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टरों को न्याय दिलाने की जगह उन्हें कानून का हवाला देकर धमका रहीं हैं। देश भर में डॉक्टरों की सुरक्षा का सवाल उठ खड़ा हुआ है। आए दिन अस्पतालों पर हमले, डॉक्टरों से मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसीलिए एम्स आरडीए ने फैसला लिया है कि शुक्रवार को दिनभर ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में तैनात रेजीडेंट डॉक्टर पश्चिम बंगाल में चिकित्सीय हड़ताल का समर्थन करेंगे। साथ ही एम्स परिसर में ही धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सख्ती से कानून लगाने की अपील भी करेंगे। इनके अलावा फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डॉक्टर, यूआरडीए सहित डॉक्टरों के तमाम राष्ट्रीय संगठनों ने हड़ताल का फैसला लिया है। 
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डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सभी राज्यों से करेंगे चर्चा : डॉ. हर्षवर्धन

पश्चिम बंगाल के एनआरएस अस्पताल में दो डॉक्टर पर हमले की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा अहम मुद्दा है। इसे लेकर वे जल्द ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे। हर राज्य में डॉक्टरों को बेहतर माहौल और सुरक्षा मिलेगी, तभी जनता स्वस्थ रह सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डॉक्टर समाज के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं किया जाए। अपने अधिकारों के लिए कोई भी आवाज उठा सकता है, लेकिन उससे समाज या जनता को नुकसान नहीं होना चाहिए। पश्चिम बंगाल जैसी घटनाएं दोबारा न हो इसके लिए जल्द ही सभी राज्यों के साथ बातचीत की जाएगी।

 

डीडीयू अस्पताल में काम पर लौटे डॉक्टर

दिल्ली सरकार के हरीनगर स्थित डीडीयू अस्पताल में गुरुवार सुबह डॉक्टर काम पर लौट आए। बीती रात एक महिला के साथ अस्पताल आए तीमारदार ने रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टर के साथ मारपीट की थी, जिसके विरोध में डॉक्टरों ने हड़ताल का एलान कर दिया था। आनन फानन में अस्पताल प्रबंधन ने हड़ताल को खत्म कराने काप्रयास किया, लेकिन डॉक्टरों की मांग थी कि जब तक मामला दर्ज नहीं होगा तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। इसके चलते गुरुवार सुबह अस्पताल प्रबंधन की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी तीमारदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। 

अस्पताल प्रबंधन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों को दी गई तो वे ओपीडी में मरीजों की जांच के लिए पहुंचे। डीडीयू अस्पताल में इसी माह में मारपीट की यह दूसरी घटना है। 
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