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अनीता: पढ़िए, एक असल हीरो की सच्ची कहानी

Sat, 04 Oct 2014 08:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 04 Oct 2014 08:40 PM IST
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Story of Anita : asian games women wrestling team member.

एशियन खेलों में जीत दर्ज कराने वाली भारत की महिला कबड्डी टीम की सदस्य किड़ावली गांव की अनीता मावी ने पिता के योग और अपने स्कूल से कबड्डी की प्रेरणा ली। विषम परिस्थितियों में भी उसने हिम्मत नहीं हारी और आज गांव का नाम रोशन किया है।

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किसान परिवार से संबंध रखने वाली यह खिलाड़ी अपने दादा और पिता को अपना आदर्श व प्रेरणा स्रोत मानती हैं। अनीता के दादा फौज में थे और पिता किसान। ग्रामीण परिवेश होने के बावजूद अनीता के पिता संतराम मावी ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने लिए प्रेरित किया।
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अनीता के पिता संतराम मावी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही खेलकूद में आगे थी। वह नियमित रूप से योगा करते हैं, उन्हें देखकर बचपन से ही अनीता भी उनके साथ योग करती थी। यहीं से उसका रुझान खेलों की ओर बढ़ने लगा। महावतपुर गांव में कक्षा छह में पढ़ने के दौरान वहां पर बच्चों को कबड्डी खेलते हुए देखती थी। वहीं पर उसने भी खेलना शुरू कर दिया था।
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संतराम बताते हैं कि किसान परिवार और ग्रामीण परिवेश होने के बावजूद जब अनीता ने कबड्डी खेलना शुरू किया तो विरोध के सुर उठने लगे। लेकिन परिवार उसको प्रेरित करता रहा। संतराम बताते हैं कि उन्होंने अनीता को अपने बेटा जैसा माना है और उसकी प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ने में हमेशा मदद की। पिता खुशी जाहिर करते हैं कि उनकी यह मेहनत सफल हुई और उनकी बेटी ने फरीदाबाद के साथ देश का नाम भी रोशन किया।

पढ़ाई में भी नहीं है पीछे
अनीता मावी ने हालांकि बचपन से ही खेलों के प्रति अपना रुझान व्यक्त कर दिया था, लेकिन परिवार के साथ और प्रेरणा से उसे आगे बढ़ने में मदद मिली। अनीता ने कबड्डी के साथ अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दिया। जितना समय उसने कबड्डी को दिया उतनी ही मेहनत व ध्यान पढ़ाई पर भी दिया। अनीता ने बीपीएड व एमपीएड किया है। उसके बाद नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन से एमफिल कर रही हैं।


स्वागत की तैयारी में जुटा परिवार व गांव
अनीता के स्वागत के लिए पूरा परिवार व गांववासी पलके बिछाए इंतजार कर रहे हैं। पिता संतराम ने बताया कि अनीता से उनकी बात हुई थी। इसके आधार पर रविवार को वहां से रवाना होगी और सोमवार को घर पहुंचेगी। अनीता के स्वागत के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी है। पूरे गांव में खुशी का माहौल है।

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