फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Stories of Haj pilgrimage:

‘जिसने भी रुकने की कोशिश की, कुचला गया’

Sat, 26 Sep 2015 11:42 AM IST
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:42 AM IST
विज्ञापन
Stories of Haj pilgrimage:

मीना में हज यात्रा के समय शैतान को पत्थर मारने के दौरान दिल्ली-एनसीआर के भी कुछ जायरीन मौजूद थे। उनका कहना है कि भगदड़ के दौरान काफी संख्या में लोगों का रेला बाहर निकलने के लिए आगे बढ़ा।

विज्ञापन


संख्या ज्यादा होने से जो भी रास्ते में आया या जिसने भी रुकने की कोशिश की वह संभल नहीं पाया और कुचला गया। सेक्टर-11 निवासी यमुना प्राधिकरण के जीएम एसएआर जैदी के भाई व शिक्षक शबाब हैदर (38) भी हज यात्रा पर सऊदी अरब गए हुए हैं। उन्होंने यह हादसा बेहद नजदीक से देखा।

विज्ञापन


बकौल शबाब वह शैतान को पत्थर मारने के लिए आगे बढ़ रहे थे और वहां तक पहुंचने ही वाले थे कि कुछ दूरी पर शैतान को पत्थर मारकर वापस लौट रहे जायरीन भागते नजर आए। एकाएक समझ नहीं आया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग भाग क्यों रहे हैं। भगदड़ के हालात के बीच एकाएक एक ही प्वाइंट पर हजारों की भीड़ इकट्ठी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिसने भी उस दौरान रुकने की कोशिश की गिर पड़ा

Stories of Haj pilgrimage:

वहीं, नोएडा के शेख नजीबुल्लाह के परिजनों के मुताबिक , शैतान को पत्थर मारने वाले पिलर तक जाने के लिए तीन रास्ते थे। इनमें से दो बंद थे। पुल वाला रास्ता खुला हुआ था जिससे ज्यादा भीड़ एक ही जगह पर जमा हो गई।


भागते हुए लोगों के रेले में बुजुर्ग और कमजोर भी थे। इनमें से जिसने भी उस दौरान रुकने की कोशिश की गिर पड़ा। हालात यह थे कि पीछे से आ रही भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे निकल गई,जो उस दौरान गिर गया।

इसके बाद वहां पुलिसकर्मी पहुंच गए और एक दायरा बनाकर अन्य लोगों के लिए वहां जाना निषेध कर दिया गया। उस दौरान भयंकर चीख-पुकार मची हुई थी। हालांकि , हादसे के बाद भी शैतान को पत्थर मारने का काम जारी रहा। यह काम एक निर्धारित अवधि तक ही किया जाता है। लिहाजा यह रोका नहीं गया।

पहले दिन खुला हुआ था केवल एक ही पिलर

Stories of Haj pilgrimage:

अन्य लोगों का कहना है कि शैतान को पत्थर मारने की रस्म तीन दिन तक चलती है। इसमें तीन पिलर होते हैं। पहले दिन केवल बड़ा पिलर ही पत्थर मारने के लिए खोला जाता है। इसे बड़ा शैतान कहा जाता है।

लिहाजा, भीड़ भी एक ही जगह जुट गई। दूसरे दिन से दूसरे अन्य पिलरों (मध्यम और छोटे शैतान) को पत्थर मारने के लिए खोला जाता है तब भीड़ बंट जाती है।

हज यात्रा पर गए नोएडा के जायरीनों के परिजन दिनभर चिंतित रहे। हादसे की खबर आने के बाद परिजनों ने सऊदी अरब फोन लगाकर अपने-अपने परिजनों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया। फोन से बात करने के बाद सकुशल होने की सूचना के बाद ही परिजनों के चेहरे पर मुस्कान लौटी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed