कश्मीर में पत्थरबाजी की घटना फलस्तीन से प्रेरित है : त्रिपाठी
जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के पूर्व डीजी एनके त्रिपाठी ने कश्मीर में हिंसा की बढ़ती घटनाओं से लेकर पुलिस सुधार तक सभी मामलों में बेबाक राय जाहिर की।
उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटना असल में फलस्तीन से प्रेरित है। इस्राइल की पुलिस इन फलस्तीन पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त रुख अपनाती है, लेकिन भारत में सुरक्षाबल इतनी सख्ती नहीं कर पाते हैं।
उन्होंने पत्थरबाजों को पाकिस्तान से वित्तीय सहयोग मिलने की बात भी कही। वर्ष 2010 में जब घाटी में पत्थरबाजी की सर्वाधिक घटनाएं हुई थीं तब एनके त्रिपाठी ने कई बड़े फैसले लेकर सुरक्षाबलों का उत्साह बढ़ाया था।
अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि घाटी में पत्थरबाजी के लिए पाकिस्तान बेहद चतुराई के साथ फंडिंग करता है। इसके लिए उसने ओवर ग्राउंड वर्कर बना रखे हैं जो क्षेत्रवार समूहों में आकर घटनाओं को संगठित अपराध के बतौर अंजाम देते हैं।
उन्होंने इशारा किया कि नोटबंदी से भले ही पत्थरबाजों की फंडिंग पर असर पड़ा हो लेकिन इन्हें असली मदद पाक से मिलती है जिस पर लगाम लगाना आसान नहीं है।
त्रिपाठी नेशनल क्राइम ब्यूरो में भी डायरेक्टर जनरल पद पर रह चुके हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस की संख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है।
उन्होंने माना कि यूपी में लोग अपनी शिकायतों को लेकर थाने तक आते ही नहीं हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कुछ नहीं होगा, जबकि हत्या के मामले चूंकि दबाए नहीं जा सकते हैं इसलिए राज्य में इनका आंकड़ा काफी अधिक है।