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खास खबरः दिल्ली के थोक बाजारों में स्टॉक पर्याप्त, लेकिन व्यापार में 50 प्रतिशत की गिरावट
Fri, 04 Dec 2020 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 04 Dec 2020 05:52 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के थोक बाजारों में बेशक अभी सामान पर्याप्त है, लेकिन किसान आंदोलन की वजह से बिक्री में एक बार फिर करीब 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसकी बड़ी वजह सड़क परिवहन बंद होने से एनसीआर के शहरों समेत देश के दूसरे हिस्सों में होने वाली सप्लाई बाधित होना है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना की मार के बार त्योहारी सीजन मे आई तेज पिछले आठ दिनों से फिर बैठ गई है। कारोबारी एक बार फिर अब खाली बैठा ग्राहक के इंतजार में है।
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सदर बाजार व्यापार संगठन के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने बताया कि मौजूदा समय एनसीआर के खुदरा बाजारों में सदर बाजार से सामान की सप्लाई ना के बराबर है। इसी तरह का हाल पुरानी दिल्ली के अन्य बाजारों जैसे कि चांवडी बाजार, चांदनी चौक का भी है। जहां से न केवल दिल्ली एनसीआर बल्कि देशभर में सामान की सप्लाई होती है। केवल सदर बाजार की बात करें तो यहां पर सामानों की ऑर्डर में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। सदर बाजार के अंदर ना केवल खाने पीने के सामान बल्कि इंसानी जरूरत का लगभग हर सामान बिकता है।
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वहीं, चावड़ी बाजार कारोबारी हेमंत गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में अभी माल ना भी आए फिर भी दिल्ली के बाजार में इतना स्टॉक हमेशा होता है कि अब से एक हफ्ते सामान की सप्लाई निर्बाध होती रहेगी। इसी प्रकार खारी बावली में मसालों और किराने के बाकी सामानों की सप्लाई घट गई है। एनसीआर का एक दुकानदार जब सदर बाजार या खारी बावली, चांदनी चौक आता है तो लाखों रुपये का सामान एक साथ खरीदकर ले जाता है। लेकिन किसान आंदोलन के कारण दुकानदार सामान का ऑर्डर नहीं दे रहा है। उसे शंका है कि बॉर्डर पर उसका सामान से भरा वाहन फंस सकता है।
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राजधानी में फलों व सब्जी की आवक भी हो रही प्रभावित
कृषि कानूनों को वापस लेने के मुद्दे पर दिल्ली के बॉर्डर पर करीब 8 दिनों से किसानों के चल रहे प्रदर्शन की वजह से राजधानी में ताजा सब्जियों व फलों की आवक पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि अब फल और सब्जियों को मंडी में पहुंचने में 2 दिन का समय लग रहा है। वहीं, आपूर्ति भी 50 फ़ीसदी प्रभावित होने से दाम में भी बढ़ोतरी हो रही है।
दरअसल, दिल्ली में फल व सब्जियों की आपूर्ति हरियाणा और पंजाब की ओर से सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर से होती है। ऐसे में पिछले 8 दिनों से बॉर्डर पर डटे किसानों की वजह से लगातार ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इस वजह से जहां पड़ोसी राज्य से आने वाली सब्जियां खराब हो रही हैं वहीं, बची हुई सब्जियों के दामों में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
आजादपुर मंडी के भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप ने बताया कि प्रदर्शन की वजह से सबसे ज्यादा असर आलू व हरी सब्जियों पर पड़ा है। इस कड़ी में अब आलू के खुदरा दाम 60 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, हरी सब्जियों के दामों में भी 10 से 20 रुपये की वृद्धि हो रही है।
ट्रांसपोर्ट बंद होने से पड़ेगा अधिक प्रभाव
ट्रांसपोर्ट यूनियन द्वारा प्रदर्शन में किसानों का साथ देने से आपूर्ति और दाम दोनों पर प्रभाव पड़ेगा। मंडी के व्यापारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट हड़ताल की वजह से सब्जियों की आपूर्ति होने में बड़ी परेशानी आ सकती है। इसका सीधा असर सब्जियों के दामों में 30 से 40 फ़ीसदी वृद्धि होने से पड़ेगा।
सब्जियों के दाम अब पहले
आलू 60 50
प्याज 70 50
टमाटर 55 30
मटर 90 80
गोभी 50 40
गाजर 50 30
शिमला मिर्च 60 40
मिर्ची 45 30
घीया। 50 35
तोरी 80 50