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कद्दावर मंत्री के नाम पर खोखली की जा रही यमुना
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 06 Dec 2014 12:59 AM IST
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लोनी क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट और पर्यावरण मानकों को ताक पर रखकर माफिया यमुना को खोखली कर रहे हैं। अधिकारियों पर दबाव बनाने को सूबे के एक कद्दावर मंत्री का नाम खनन में जोड़ा जा रहा है।
अवैध खनन से यमुना का पारिस्थितिकी और जैव तंत्र बर्बाद हो रहा है। इस कारण पर्यावरणविद् खनन क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस मामले को संसद और यूपी विधानसभा में उठाने की तैयारी जनप्रतिनिधियों ने शुरू कर दी है।
अवैध खनन को लेकर बदनाम रहे लोनी क्षेत्र में अब यह दोबारा से शुरू हो गया है। पिछले वर्ष दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण के बाद खनन को प्रशासन ने सख्ती से बंद करा दिया था।
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इसके चलते खनन माफियाओं ने इस बार नई युक्ति निकाली है। यमुना किनारे के साथ ही यमुना के अंदर 50-60 फुट की गहराई तक शकर मशीनों के सहारे खनन किया जा रहा है।
इससे यमुना का जैव और पारिस्थितिकी तंत्र बर्बाद हो रहा है। इसका असर यमुना के प्रवाह पर भी पड़ रहा है। दिनरात में करीब पांच सौ डंफर-ट्रक बालू यमुना से निकाली जा रही है।
एसडीएम के रोकने के बावजूद खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो खनन से प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री का नाम जोड़ा जा रहा है। इसके चलते अधिकारी प्रभावी कार्रवाई से बच रहे हैं।
पर्यावरणविद विजयपाल बघेल ने खनन पर चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण विशेषज्ञों की टीम को लोनी का दौरा कराया जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की और पूसा केंद्र दिल्ली के विशेषज्ञों से बातचीत की जा रही है।
खनन से सपा के किसी कार्यकर्ता तक का संबंध नहीं है, मंत्री जी का तो सवाल ही नहीं उठता। स्वच्छ प्रशासन देकर विकास की ओर बढ़ रही सरकार को बदनाम करने की साजिश है। इस मामले को दिखवाते हैं कि आखिर खनन कौन कर रहा है। - साजिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष
लोनी क्षेत्र में एक छोटा सा पट्टा है। यहीं पर खनन हो रहा है, इसके अलावा कहीं पर खनन नहीं होने दिया जाएगा। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - नवीन कुमार दास, क्षेत्रीय खनन अधिकारी
पट्टा मेरे नाम है। इस पर अभी खनन शुरू नहीं हुआ है। रास्ते ठीक नहीं है। रास्तों को ठीक करवाया जा रहा है। अभी वहां कौन खनन कर रहा है, मुझे नहीं मालूम। - एड. नरेंद्र चौधरी, पट्टाधारक
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अवैध खनन से यमुना का पारिस्थितिकी और जैव तंत्र बर्बाद हो रहा है। इस कारण पर्यावरणविद् खनन क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस मामले को संसद और यूपी विधानसभा में उठाने की तैयारी जनप्रतिनिधियों ने शुरू कर दी है।
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अवैध खनन को लेकर बदनाम रहे लोनी क्षेत्र में अब यह दोबारा से शुरू हो गया है। पिछले वर्ष दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण के बाद खनन को प्रशासन ने सख्ती से बंद करा दिया था।
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इसके चलते खनन माफियाओं ने इस बार नई युक्ति निकाली है। यमुना किनारे के साथ ही यमुना के अंदर 50-60 फुट की गहराई तक शकर मशीनों के सहारे खनन किया जा रहा है।
इससे यमुना का जैव और पारिस्थितिकी तंत्र बर्बाद हो रहा है। इसका असर यमुना के प्रवाह पर भी पड़ रहा है। दिनरात में करीब पांच सौ डंफर-ट्रक बालू यमुना से निकाली जा रही है।
एसडीएम के रोकने के बावजूद खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो खनन से प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री का नाम जोड़ा जा रहा है। इसके चलते अधिकारी प्रभावी कार्रवाई से बच रहे हैं।
पर्यावरणविद विजयपाल बघेल ने खनन पर चिंता प्रकट की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण विशेषज्ञों की टीम को लोनी का दौरा कराया जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की और पूसा केंद्र दिल्ली के विशेषज्ञों से बातचीत की जा रही है।
खनन से सपा के किसी कार्यकर्ता तक का संबंध नहीं है, मंत्री जी का तो सवाल ही नहीं उठता। स्वच्छ प्रशासन देकर विकास की ओर बढ़ रही सरकार को बदनाम करने की साजिश है। इस मामले को दिखवाते हैं कि आखिर खनन कौन कर रहा है। - साजिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष
लोनी क्षेत्र में एक छोटा सा पट्टा है। यहीं पर खनन हो रहा है, इसके अलावा कहीं पर खनन नहीं होने दिया जाएगा। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - नवीन कुमार दास, क्षेत्रीय खनन अधिकारी
पट्टा मेरे नाम है। इस पर अभी खनन शुरू नहीं हुआ है। रास्ते ठीक नहीं है। रास्तों को ठीक करवाया जा रहा है। अभी वहां कौन खनन कर रहा है, मुझे नहीं मालूम। - एड. नरेंद्र चौधरी, पट्टाधारक