Delhi : आप विधायक अमानतुल्लाह के बेटे का 20 हजार का चालान, करने वाले पुलिसकर्मी ने बताया कैसा था खान का बर्ताव
पुलिसकर्मी ने कहा कि लड़के पटाखे जैसी आवाज निकालने वाली बाइक चला रहे थे। लड़कों ने अमानतुल्लाह खान से बात कराई। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि क्या करेंगे आप, बंद करेंगे बंद कर दीजिए। उनके कहने का ढंग ठीक नहीं था।
विस्तार
आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे का यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान करने के मामले में पुलिस का बयान सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में चालान करने वाले पुलिसकर्मी ने कहा कि विधायक का बातचीत करने का ढंग सही नहीं था। उन्हें बेटे को समझाना चाहिए था। वह उल्टा हमको कह रहे थे कि आप क्या करेंगे।
पुलिसकर्मी ने कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर वाली बुलेट की आवाज से तो वैसे ही किसी हृदय रोगी को हार्ट अटैक आ जाए। लड़के पटाखे जैसी आवाज निकालने वाली बाइक चला रहे थे। पकड़ने पर लड़कों ने अमानतुल्लाह खान से बात कराई। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि क्या करेंगे आप, बंद करेंगे बंद कर दीजिए। उनके कहने का ढंग ठीक नहीं था। एक विधायक को जिस तरह से बात करनी चाहिए उस तरह का उनका लहजा सही नहीं था। वह उल्टा हमको कह रहे थे कि आप क्या करेंगे। इस साल हम 70 बुलेट जमा कर चुके हैं। हम रोज अभियान चलाते रहते हैं।
#WATCH | Delhi | On AAP MLA Amanatullah Khan's son, Narpal Singh, SHO Jamia Nagar says, " Bullet voice spreads a lot of noise pollution, it can affect heart patients so we stopped that bike and issued a challan. One of the men made me speak to AAP MLA Amanatullah Khan and he also… pic.twitter.com/gEVY1jy8Tt
— ANI (@ANI) January 24, 2025
यह है मामला
दिल्ली पुलिस ने गश्त के दौरान बुलेट के मॉडिफाई साइलेंसर से तेज आवाज कर रहे दो लड़कों को पकड़ा। इस दौरान वह गलत दिशा से भी आ रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लड़कों में एक लड़के ने बताया कि वह आप विधायक अमानतुल्लाह खान का बेटा है। दिल्ली पुलिस ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने और मोटरसाइकिल पर मॉडिफाई साइलेंसर का उपयोग करने के लिए आप विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे की मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। साथ ही 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं इस मामले में भाजपा लगातार आम आदमी पार्टी पर हमलावर है।
पुलिस के अनुसार, जब उनसे ड्राइविंग लाइसेंस और आईडी मांगी तो उन्होंने राजनीतिक धौंस जताते हुए कहा कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। उनमें से एक लड़के ने अमानतुल्लाह खान को फोन किया और उनकी बात एसएचओ से कराई। बाद में लड़के अपना नाम-पता बताए बगैर चले गए।