हार से भयभीत ‘आप’ ने लिया बड़ा फैसला
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लोकसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा करने बैठी ‘आप’ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली समेत सभी राज्यों व जिलों की इकाइयों को भंग कर दिया।
हालांकि, राष्ट्रीय कार्यकारिणी व राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) को भंग करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। राज्यों में नए सिरे से पार्टी का ढांचा गठित करने के लिए प्रीपरेट्री कमेटी बनाई जाएगी।
चुनाव हराने के बाद ‘आप’ के भीतर पार्टी के पुनर्गठन की मांग उठने लगी थी। शाजिया इल्मी समेत दूसरे कई नेताओं ने पार्टी छोड़ते समय इसकी पुरजोर वकालत की थी। पिछले माह एक बैठक में दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने भी जोरशोर से राज्य इकाई के नेताओं की शिकायत की थी। इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी पार्टी के पुनर्गठन को जरूरी माना था।
पर पीएसी भंग नहीं होगी
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह मांग जोरशोर से उठाई गई। सूत्र बताते हैं कि शनिवार को पीएसी व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ राज्यों व जिलों की इकाइयों को भंग करने का प्रस्ताव आया था।
बताया गया कि पार्टी के संविधान के तहत राष्ट्रीय कार्यकारिणी भंग नहीं हो सकती। जबकि गोपाल राय समेत तीन नेताओं ने पीएसी खत्म करने के प्रस्ताव का विरोध किया। उनकी दलील थी कि पीएसी राष्ट्रीय कार्यकारिणी जैसी है।
इसका दूसरे कई सदस्यों ने भी समर्थन किया। सूत्रों की मानें तो बैठक में राज्यों और जिलों की सभी इकाइयों को भंग करने का फैसला किया गया। सभी राज्यों में एक प्रीपरेट्री कमेटी के गठन का प्रस्ताव है, जिसकी जिम्मेदारी राज्यों में संगठन बनाने के साथ ही पार्टी की नीतियों से इत्तेफाक रखने वाले लोगों को जोड़ना है।