'भारतीय संस्कृति के खिलाफ दिए बयान के लिए माफी मांगे श्रीश्री'
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गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी सिंह व महासचिव अजय वीर यादव ने श्री श्री रविशंकर के बयान की निंदा की है। उनका कहना है कि श्री श्री ने नक्सलवाद व हिंसावाद के लिए सरकारी स्कूल के शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि श्री श्री का बयान भारतीय संस्कृति, भारतीय परंपरा के खिलाफ है क्योंकि भारत की 125 करोड़ की आबादी में 80 प्रतिशत लोगों के बच्चे सरकारी स्कूलों से शिक्षा लेकर सर्वोच्च पदों पर हैं।
सिर्फ सरकारी स्कूलों में ही भारतीय संस्कृति के अनुसार नैतिक शिक्षा के धरातल पर एक छात्रों को एक अच्छे नागरिक के रूप में तैयार किया जाता है।
टीचर्स एसोसिएशन का श्रीश्री पर हमला
पब्लिक और प्राइवेट स्कूलों में तो पाठ्यक्रम का आधार ही पाश्चात्य संस्कृति पर आधारित है। शिक्षा ने अब प्राइवेट इंडस्ट्री का रूप ले लिया है महासचिव अजय वीर यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की श्री श्री रविशंकर का यह बयान एक साजिश के तहत शिक्षा को एक प्राइवेट इंडस्ट्री बना कर पूंजीपतियों को बढ़ावा देने वाला है।
ऐसा बयान सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के अपमान के साथ उन्हें नक्सलवादी और हिंसावादी की संज्ञा देना है सरकारी स्कूल भारतीय प्राचीन गुरुकुल पद्धति का नया रूप है।
इसी कारण भारत को जगत गुरु कहा गया। पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों में पूरी तरह पाश्चात्य संस्कृति की झलक मिलती है।