फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Spine operation done for the first time with American robot in AIIMS

एम्स ने अमेरिकी रोबोट से पहली बार किया रीढ़ का ऑपरेशन, 4 साल से पीड़ित थी महिला

Fri, 20 Sep 2019 08:43 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 20 Sep 2019 08:43 PM IST
विज्ञापन
Spine operation done for the first time with American robot in AIIMS
एम्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने पहली बार अमेरिकी रोबोट से रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) का ऑपरेशन किया। दुनिया में केवल 80 अस्पतालों में मौजूद अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह रोबोट 15 दिन पहले ही एम्स पहुंचा है। दो दिन पहले हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने एक महिला का ऑपरेशन किया। पिछले चार वर्ष से कमर दर्द से परेशान महिला की एल-5 हड्डी खिसक गई थी।
विज्ञापन

 
एम्स के डॉ. भावुक गर्ग ने बताया कि कई तरह के रोबोट हैं, लेकिन स्पाइनल सर्जरी करने वाला यह रोबोट नई तकनीक से लैस है। इसे एक्सेलस्यिस रोबोट कहा जाता है। इसका फायदा है कि छोटा चीरा लगाकर रीढ़ की हड्डी में स्क्रू व अन्य इंप्लांट को बेहद कम समय और आसानी से फिट कर सकते हैं। 
विज्ञापन


60 वर्षीय मौसमी बसु की सर्जरी की गई। डॉ. गर्ग ने बताया कि एशिया में अभी किसी अस्पताल में ये तकनीक उपलब्ध नहीं है। दिल्ली एम्स में कुछ ही दिन पहले ये रोबोट आने के बाद पहला ऑपरेशन मौसमी बसु का किया गया है। मौसमी के पति प्रोफेसर चंचल कुमार बसु ने बताया कि उनकी पत्नी चार वर्ष से कमर दर्द से परेशान थीं। कई अस्पतालों में दिखाने के बाद भी आराम नहीं मिला, तो उन्होंने डॉ. भावुक गर्ग से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी पत्नी स्वस्थ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोबोट पर चढ़ा रहा पॉलीथिन 

सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की सराहना के साथ रोबोट पर पॉलीथिन देख आश्चर्य भी जताया जा रहा है। दरअसल ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण रोकने के लिए काफी ध्यान रखा जाता है। पॉलीथिन को लेकर जब डॉक्टरों से बातचीत की गई, तो बताया गया कि नया रोबोट होने के कारण पॉलीथिन लगी थी। 


क्या होती है रोबोटिक सर्जरी

इस सर्जरी में सॉफ्टवेयर की मदद से कंप्यूटर की स्क्रीन पर डॉक्टर शरीर के अंदर का हिस्सा देखते हैं और मशीन (रोबोट) को अपने हाथ से ऑपरेट करते हैं। इस तकनीक से जोखिम 50 फीसदी से भी कम रह जाता है। आमतौर पर रीढ़ की सर्जरी में काफी खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed