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बारिश भी कम न कर सकी प्यार का खुमार
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 15 Feb 2014 09:36 AM IST
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राजधानी में हुई रिमझिम बारिश ने वेलेंटाइन डे पर प्यार का खुमार बढ़ा दिया। भीगे-भीगे मौसम में प्यार का इजहार करने अपने घरों से निकले युवाओं ने बारिश का भी लुत्फ उठाया। इसके लिए युवाओं ने भी पूरी तैयारियां पहले ही कर ली थीं। शुक्रवार को बारिश की हल्की बूंदों के बीच कहीं छाते तो कहीं पार्क में पेड़ों के नीचे खडे़ होकर युवा अपने प्यार का इजहार करते दिखे।
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बारिश में मॉल रहे गुलजार
इस बार वेलेंटाइन डे पर इजहार-ए-मोहब्बत का चश्मदीद बनने का मौका पार्कों को कम ही मिला। बारिश के चलते काफी कम लोग पार्कों में पहुंचे। सेंट्रल पार्क, कनॉट प्लेस, राजघाट, बुद्धा गार्डन, लोधी, गार्डन नेहरू पार्क, कमला नेहरु पार्क आदि में लोगों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही।
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हल्की बूंदाबांदी में युवाओं ने रेस्त्रां, मॉल, बाजारों, सिनेमाहॉल और होटलों का रुख किया। मॉल्स में काफी भीड़ दिखी। कई सिनेमाघरों के बाहर भी लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान युवाओं ने आइसक्रीम व गर्मागर्म चाट पकौड़े खाकर गुलाबी ठंड का मजा लिया। युवकों व युवतियों ने एक दूसरे को उपहार देकर अपनी भावना का इजहार किया।
जंतर-मंतर पर प्रेमियों के लिए धरना
लवधर्म संगठन ने देशभर के प्रेमियों को सुरक्षा दिए जाने की मांग करते हुए शुक्रवार को जंतर-मंतर पर धरना दिया। इस दौरान कई जगहों से आए युवाओं ने नुक्कड़ नाटक कर प्रेम करने का हक मांगा। ओशो के विचारों के प्रवर्तक शशांक आनंद ने कहा कि प्रेम का सम्मान करके ही इस देश का उत्थान संभव है। हो सकता है लोग उन्हें पागल समझें या भावनाओं को भड़काने के लिए उन्हें मार ही डालें लेकिन भारतीय संस्कृति प्रेम का अपमान नहीं सिखाती।
रामलीला मैदान में माता-पिता की पूजा
एक ओर जहां दिल्ली वेलेंटाइन डे मनाने में मशगूल थी, वहीं रामलीला मैदान में देश के कई राज्यों से आए हजारों युवा माता-पिता की पूजा कर रहे थे। उन्होंने मैदान में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया और भारतीय संस्कृति को बचाने का संकल्प लिया। माता-पिता के कदमों में अपनी प्रेम की भावनाओं को रखकर उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहे युवाओं को माता-पिता ने भी आशीर्वाद दिया। यह आयोजन अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच द्वारा किया गया।