स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए सख्त कदम, ये हैं वो जरूरी उपाय
स्कूल के परिसर का निरीक्षण टॉस्क फोर्स करेगी
बच्चों की सुरक्षा का मामला:
स्कूल के परिसर का निरीक्षण टॉस्क फोर्स करेगी
- मासिक आधार पर सुरक्षा निरीक्षण रिपोर्ट जिला उपशिक्षा निदेशक को भेजेगी
- शिक्षा निदेशालय ने जारी किया आदेश, कोर्ट के फैसलों व निर्देशों को बनाया आधार
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स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अब स्कूलों में भवन और परिसर का निरीक्षण एक स्पेशल टॉस्क फोर्स करेगी। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। निदेशालय ने इस आदेश को जारी करने के लिए बीते साल के कोर्ट के फैसलों व निर्देशों को आधार बनाया है।
अपने आदेश में निदेशालय ने कहा है कि टॉस्क फोर्स मासिक आधार पर अपने सुरक्षा निरीक्षण की रिपोर्ट जिला उपशिक्षा निदेशकों को भेजेंगी। यह साफ किया गया है कि स्कूलों में सुरक्षा के लिए स्कूल प्रमुख ही जिम्मेदार होंगे।
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जोन स्तर पर गठित की जाने वाली टास्क फोर्स में जोन के उपशिक्षा निदेशक, स्कूल प्रिंसिपल व दो सदस्यों के रुप में दो इंजीनियर(इलेक्ट्रिकल व सिविल) होंगे।
सुरक्षा का निरीक्षण करने के बाद यह फोर्स हर माह अपनी रिपोर्ट जिला उपशिक्षा निदेशक को भेजेगी। सभी जोन से रिपोर्ट प्राप्त होने केबाद डीडीई संयुक्त रिपोर्ट क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी होगी कि वह सभी रिपोर्ट हर तीन माह में शिक्षा निदेशायल को भेजें।
स्कूलों को हर तीन महीने में भेजनी रिपोर्ट
निदेशालय ने अपने इस आदेश के लिए सितंबर 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से कर्नल देविंदर शेहरावत बनाम उपायुक्त एसडीएमसी मामले में दिए गए फैसलों व निर्देशों को अपना आधार बनाया है।
मालूम हो कि कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर समय-समय पर स्कूलों के निरीक्षण के लिए एक तंत्र बनाने को कहा था। राजधानी के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, व निजी स्कूल प्रमुखों को जारी इस आदेश में निदेशालय ने कहा है कि वह समय-समय पर स्कूल केभवन व परिसर का निरीक्षण कराने की व्यवस्था करें।
इसकी रिपोर्ट स्कूलों को हर तीन महीने में उपशिक्षा निदेशक को भेजनी होगी। निरीक्षण केदौरान यदि किसी प्रकार की कोई विसंगति पाई जाती है तो उसे तत्काल सुधारने के लिए कहा गया है। विशेष शिक्षा निदेशक बिनय भूषण की ओर से दिए गए आदेश केमुताबिक स्कूलों में सुरक्षा बनाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रमुख की होगी।
जिला उपशिक्षा निदेशक को यह देखना होगा कि वह स्कूलों में होने वाली किसी प्रकार की समस्या को पीडब्लयूडी, दिल्ली अग्निशमन विभाग, व दिल्ली जल बोर्ड जैसी एंजेसियों तक पहुंचा कर उन्हें सुधारें। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन स्कूलों को सख्ती से करना होगा। इनकेपालन में लापरवाही बरतने को कोर्ट की अवमानना केतौर पर देखा जाएगा।