फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Special news: test reduced after Diwali, less corona positive cases, 14 percent deaths increased

विशेष खबर: दिल्ली में दिवाली के बाद घटी जांच तो संक्रमित हुए कम, 14 फीसदी मौतें बढ़ीं 

Wed, 25 Nov 2020 01:48 AM IST
Mohit Mudgal अभिषेक पांचाल, अमर उजाला, नई दिल्ली 
अभिषेक पांचाल, अमर उजाला, नई दिल्ली  Published by: Mohit Mudgal Updated Wed, 25 Nov 2020 01:48 AM IST
विज्ञापन
Special news: test reduced after Diwali, less corona positive cases, 14 percent deaths increased
कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

दिल्ली में कोरोना वायरस का घातक रूप देखने को मिल रहा है। बीते 10 महीने में सबसे ज्यादा गंभीर परिणाम भी अब दिखाई देने लगे हैं। स्थिति यह है कि दिवाली से 10 दिन पहले और बाद की तुलना करें तो कम जांच होने से ही संक्रमित मरीज कम हुए हैं जबकि मौत के आंकड़े में 14 फीसदी बढ़ोतरी हो चली है। यह स्थिति तब है जब पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने बैठक के दौरान दिल्ली में दोगुना जांच करने का आदेश दिया था। 

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिवाली से पहले के  दिनों में 815 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन उसके बाद अबतक 995 मरीज जान गंवा चुके हैं। इस हिसाब से देखें तो दिवाली के मौतों की संख्या में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, संक्रमण के मामलों की बात करें तो दिवाली से पहले कुल 72,274 मामले आए थे, जिनकी संख्या बाद के 9 दिनों में 52,147 रही। हालांकि मामले कम होने का कारण यह है कि इस दौरान सवा लाख कम जांच की गई हैं। इसके चलते संक्रमण दर में एक फीसदी का भी अंतर नहीं रहा है। 
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि इसका बड़ा कारण त्योहारों के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़ रही है। अपोलो अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार बताते हैं कि एक बड़ी आबादी कई महीनों से घरों से बाहर नहीं निकल रही थी। वर्क फ्रॉम होम के चलते ऑफिस का काम भी घर से ही किया जा रहा था। त्योहार के दौरान ये सभी बाजारों में गए। इससे कई लोग संक्रमित भी हो गए। इनसे यह संक्रमण घर के हाई रिस्क वाले लोगों( पुरानी बीमारी से पीड़ित) तक पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस समय अस्पतालों में जो मरीज आ रहे हैं । उनमें 80 फीसदी से ज्यादा ऐसे ही मरीज हैं, जिन्हे पहले से बीमारी थी। इनमें से कई मरीजों को सीधा वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ रहा है। इससे मौत की संख्या बढ़ रही है। जो आबादी बाहर निकली उसको ज्यादा प्रभाव नहीं पढ़ा , लेकिन उनके घर में जो बुजुर्ग लोग थे। वह वायरस की चपेट में आ गए।  

दिवाली के बाद से बढ़ रहे हैं गंभीर मरीज
राजीव गांधी सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन बताते हैं कि अस्पताल में आ रहे कई मरीज मोटापे और शुगर की बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों  में कोविड का संक्रमण गंभीर रूप ले रहा है। एम्स ट्रॉमा सेंटर के डॉ राजेश का कहना है कि दिवाली के बाद के 10 दिनों में गंभीर मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस समय अस्पताल के आईसीयू बेड भरे हैं। 


लगातार बढ़ाए जा रहे हैं आईसीयू बेड
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईसीयू बेड की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हाई रिस्क वाले सभी मरीजों की विशेष निगरानी की जा रही है। मेडिकल टीमें नियमित तौर पर ऐसे मरीजों के घरों का निरीक्षण कर रही। विशेषज्ञ डॉक्टर फोन के माध्यम से लगातार इन मरीजों के संपर्क में हैं। केंद्र के आदेश अनुसार आरटी-पीसीआर जांच भी बढ़ रही है। पिछले कई दिनों से रोजाना औसतन 50 फीसदी जांच इस प्रणाली से की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed